दान में अहंकार नहीं, विनम्रता हो तो मिलता है सच्चा पुण्यःमुनि आदित्य सागर
महावीर भवन में कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान का शुभारंभ, अनुकम्पा योजना के दानदाताओं का किया सम्मान; 25 अक्टूबर को गमेर बाग में सजेगी जैन भक्ति संध्या उदयपुर। धन, रूप, ज्ञान और दान का अभिमान व्यक्ति के पुण्य को निष्फल कर सकता है। सच्चा पुण्यार्जन तभी होता है, जब दान बिना अहंकार, दिखावे और किसी अपेक्षा के किया जाए। यह विचार सेक्टर-14 स्थित महावीर भवन में विराजित मुनि 108 श्री आदित्यसागर जी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अपनी संपत्ति, सुंदरता, ज्ञान और दान पर अभिमान नहीं करना आसान नहीं है, लेकिन आत्मकल्याण के लिए विनम्रता…
