– भव्य शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जगह-जगह हुआ आचार्य संघ का स्वागत
उदयपुर, 26 जुलाई। तपागच्छ की उद्गम स्थली एवं झीलों की नगरी उदयपुर स्थित आयड़ तीर्थ रविवार को उस समय भक्तिमय माहौल से सराबोर हो उठा, जब श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में डॉ. आचार्य मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज एवं पूज्य आचार्य अचल मुक्ति सागर सूरी महाराज का भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश उत्साह और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि चातुर्मास प्रवेशोत्सव की शुरुआत धूलकोट स्थित राजेन्द्र सूरी मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा जयश्री कॉलोनी एवं महासतियां मार्ग से होते हुए आयड़ तीर्थ पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने स्वागत द्वार सजाकर, रंगोलियां बनाकर एवं पुष्पवर्षा कर आचार्य संघ का भव्य स्वागत किया।
प्रवेश समारोह में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन, आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. राहुल जैन, डॉ. डी.पी. सिंह, डॉ. अभय जैन, डॉ. बी.एल. कुमार, डॉ. ललित गुप्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
शोभायात्रा की अगुवाई पांच अश्वारोही बालकों ने हाथों में जैन ध्वज लेकर की। इसके पीछे सुसज्जित बग्गियां, निति नवयुवक मंडल का जयघोष बैंड तथा साधु-साध्वियों के साथ सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं धार्मिक जयघोष करते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग पर धर्ममय वातावरण और भक्ति का उत्साह देखने को मिला।
आयड़ तीर्थ पहुंचने पर आचार्य संघ का विधिवत स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात आचार्य श्री ने आध्यात्मिक प्रवचन देते हुए चातुर्मास को आत्मशुद्धि, संयम, तप और धर्म आराधना का श्रेष्ठ अवसर बताते हुए श्रद्धालुओं से धार्मिक साधना एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि इस वर्ष आचार्य संघ का चातुर्मास आयड़ तीर्थ में सम्पन्न होगा, जहां आगामी चार माह तक विविध धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
