जीवन की ऊर्जा का सदुपयोग ही सफलता और आत्मकल्याण का आधार रू डॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेन्द्रधाम में आयोजित चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला में मुनि डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ और अनमोल है। यदि व्यक्ति अपनी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का सदुपयोग करे तो वह न केवल स्वयं का बल्कि समाज का भी कल्याण कर सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी शक्ति को व्यर्थ कार्यों में नष्ट करने के बजाय सत्कर्म, साधना और आत्मचिंतन में लगाना चाहिए। प्रवचन में मुनि डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि पंचतत्वों से निर्मित यह शरीर क्षणभंगुर है, इसलिए प्रत्येक क्षण का सदुपयोग आवश्यक है। मनुष्य जब अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देता…
