– आकाशवाणी के संगीत समारोह में ग़ज़लों में डूबते गए संगीत रसिक
कोई आहट कोई सद़ा ही नहीं, क्या कोई शहर में बचा ही नहीं... उदयपुर (वि.)। शहर के एमएलएसयू अतिथि गृह स्थित बप्पा रावल सभागार में शुक्रवार की शाम गीत और ग़ज़लों की ऐसी सरिता बही कि संगीत के रसिक डूबते चले गए। मौका था भारत का लोक प्रसारक ‘आकाशवाणी’ की स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित आकाशवाणी उदयपुर की ओर से ‘आकाशवाणी@90 संगीत समारोह’ का। दिन ढलते-ढलते शुरू हुए संगीत समारोह में गायक डॉ. देवेन्द्रसिंह हिरन और डॉ. पामिल मोदी ने देर रात तक श्रोताओं को स्वर और शब्दों के मोह में बांधे रखा। इस अवसर…
