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‘जिसे आत्मकल्याण की प्यास, वही संसार से निर्लिप्त’: साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी

‘जिसे आत्मकल्याण की प्यास, वही संसार से निर्लिप्त’: साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी

उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में सोमवार को आयोजित नियमित प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रावक-श्राविकाओं को आत्मचिंतन, स्वदोष दर्शन और आत्मकल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने केवलज्ञान प्राप्त करने के बाद सभी जीवों के प्रति प्रेम और कल्याण की भावना रखी। उनका संदेश था कि प्रत्येक जीव अपनी आत्मदशा का स्वयं मालिक बने। हृदय में आत्मकल्याण की सच्ची प्यास जाग जाए तो व्यक्ति संसार में रहते हुए भी संसार से निर्लिप्त होकर आत्मचेतना को प्राप्त कर सकता है। साध्वीश्री ने कहा कि किसी वस्तु का मूल्य उसकी आवश्यकता और प्यास से तय होता…
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‘जो प्राप्त है उसे पर्याप्त समझें’: उदयपुर में बोले डॉ. राजेन्द्र मुनि व डॉ. सुरेन्द्र मुनि

‘जो प्राप्त है उसे पर्याप्त समझें’: उदयपुर में बोले डॉ. राजेन्द्र मुनि व डॉ. सुरेन्द्र मुनि

उदयपुर। महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने श्रद्धालुओं को इच्छाओं पर विजय पाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ भी प्राप्त हुआ है अथवा हो रहा है, उसे पर्याप्त मानने वाला व्यक्ति ही सदा सुखी और संपन्न रह सकता है; अन्यथा आशा और अंतहीन इच्छाओं के फेर में इंसान हमेशा दुखी व तनावग्रस्त बना रहता है। उन्होंने आगे कहा कि आज अधिकांश लोगों की समस्या पेट भरने की नहीं, बल्कि पेटी भरने की रह गई है। दो-चार नहीं, बल्कि हजारों पेटियां भरने के बाद भी व्यक्ति को कम ही…
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