Dadabari Udaipur

सम्यक्त्व की राह ही आत्मकल्याण का मार्ग: वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में बोलीं साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी

सम्यक्त्व की राह ही आत्मकल्याण का मार्ग: वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में बोलीं साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी

उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में शनिवार को नियमित व्याख्यान में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि परमात्मा महावीर के शासन का मूल संदेश वस्तु को जैसी है, वैसी ही समझना और स्वीकार करना है। यही सम्यक्त्व है। उन्होंने कहा कि मिथ्यात्व जीव को संसार में भटकाता है, जबकि सम्यक्त्व जीवन को सही दिशा देता है। आज मनुष्य सांसारिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देता है, लेकिन आत्मकल्याण को भूल जाता है। केवल मिथ्यात्व और सम्यक्त्व का अंतर समझ लिया जाए तो जीवन की दिशा बदल सकती है। अशुभ को छोड़कर शुभ को अपनाएं और अंततः शुभ से आगे…
Read More
error: Content is protected !!