धार्मिक आयोजन

दंभ का त्याग और अनन्य शरणागति ही भगवत्प्राप्ति का साधन : रासेश्वरी देवी जी, नौ दिवसीय भागवत कथा का भव्य विश्राम

दंभ का त्याग और अनन्य शरणागति ही भगवत्प्राप्ति का साधन : रासेश्वरी देवी जी, नौ दिवसीय भागवत कथा का भव्य विश्राम

उदयपुर. 25 मई. झीलों की नगरी उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-13 स्थित 'आशीष वाटिका' के पावन प्रांगण में पिछले नौ दिनों से बह रही अध्यात्म की ज्ञान गंगा का आज अत्यंत भव्य और भावपूर्ण समापन हुआ। ब्रज गोपिका सेवा मिशन के तत्वावधान में आयोजित "पंचम वेद श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान रहस्य" महोत्सव के अंतिम दिवस पर पूजनीया रासेश्वरी देवी जी की दिव्य वाणी ने पांडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भक्ति के सर्वोच्च शिखर का दर्शन कराया। अंतिम सत्र का शुभारंभ शंखध्वनि, वेदमंत्रों के सस्वर पाठ और सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दिव्य मंच से 'भक्ति के वास्तविक स्वरूप' की…
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भक्ति, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के संग संपन्न हुई श्रीमद्भागवत गीता कथा, निकली भव्य कलश यात्रा

भक्ति, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के संग संपन्न हुई श्रीमद्भागवत गीता कथा, निकली भव्य कलश यात्रा

उदयपुर। सेन समाज विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता कथा का श्रद्धा, भक्ति और वैदिक अनुष्ठानों के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन यज्ञ-हवन, भजन संध्या एवं विशाल कलश यात्रा के आयोजन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं, पुरुषों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धार्मिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का परिचय दिया। संस्था के मीडिया प्रभारी सोनू सेन ने बताया कि समापन समारोह का शुभारंभ भजन गायक देवेंद्र सेन एवं चेतना सेन द्वारा प्रस्तुत गणपति वंदना और भक्तिमय भजनों से हुआ। इसके पश्चात व्यासपीठ से कथावाचक पंडित…
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बांसवाड़ा इस्कॉन में धूमधाम से मनाया गया राधा गोविंद नौका विहार महोत्सव

बांसवाड़ा इस्कॉन में धूमधाम से मनाया गया राधा गोविंद नौका विहार महोत्सव

ठिकरिया स्थित गुरुकुल स्कूल के निकट दादा बाड़ी में इस्कॉन बांसवाड़ा द्वारा आयोजित राधा गोविन्द नौका विहार उत्सव  अभिनंदन निमाई दास और अभय गौरांग दास एवम् विश्व आत्मा दास प्रभु की अगुवाई में सत्संग संकीर्तन भजन ओर अनुष्ठान के साथ देर रात तक जारी रहा जिसमें कृष्ण भावनामृत भजनों पर श्रोता झूमते रहे ओर राधे भक्ति सरिता बहती रही। *खेवत नाव सखी अलबेली, बिच मँझधार श्याम-संग खेली..* श्री धाम वृंदावन की सबसे मनोहारी लीलाओं में से एक—श्री राधा मुकुन्द देव जी का नौका विहार महोत्सव के समान दृश्य दादा बाड़ी ठिकरिया में  अलौकिक बना जब प्रिया-प्रियतम यमुना जी की तरह…
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