बांसवाड़ा इस्कॉन में धूमधाम से मनाया गया राधा गोविंद नौका विहार महोत्सव

इस्कॉन बांसवाड़ा नौका विहार उत्सव में राधा कृष्ण झांकी
ठिकरिया स्थित गुरुकुल स्कूल के निकट दादा बाड़ी में इस्कॉन बांसवाड़ा द्वारा आयोजित राधा गोविन्द नौका विहार उत्सव  अभिनंदन निमाई दास और अभय गौरांग दास एवम् विश्व आत्मा दास प्रभु की अगुवाई में सत्संग संकीर्तन भजन ओर अनुष्ठान के साथ देर रात तक जारी रहा जिसमें कृष्ण भावनामृत भजनों पर श्रोता झूमते रहे ओर राधे भक्ति सरिता बहती रही।
*खेवत नाव सखी अलबेली, बिच मँझधार श्याम-संग खेली..*
श्री धाम वृंदावन की सबसे मनोहारी लीलाओं में से एक—श्री राधा मुकुन्द देव जी का नौका विहार महोत्सव के समान दृश्य दादा बाड़ी ठिकरिया में  अलौकिक बना जब प्रिया-प्रियतम यमुना जी की तरह शीतल तरंगों के बीच फूलों से सजी नौका में विराजमान किया तो साधक साधिकाओं श्रद्धालुओं ने एक टक मनोहारी श्रृंगार युक्त छवि को निहारा और भाव युक्त होकर खुशी में कई साधक के अश्रु छलक पड़े।
तो उनकी छवि देखकर स्वयं समय भी ठहर जाता है।
शीतल मंद सुगंधित पवन, चारों ओर बिखरी फूलों की महक और ठाकुर जी का वो अद्भुत श्रृंगार… इस अलौकिक दर्शन का आनंद ही कुछ और है।
इस पावन अवसर पर हम सब भी प्रेम की इस नदिया में डूब कर राधारानी-श्याम सुंदर के चरणों में अपना सर्वस्व समर्पित
करते हुए  सभी भक्तों को नौका विहार महोत्सव की हार्दिक बधाइयां और शुभकामनाएं एक दूसरे को दी।
धार्मिक अनुष्ठान के प्रारम्भ में अहमदाबाद से आए आचार्य विपिन विलास  ओर गगन प्रभु ने नौका विहार उत्सव की महिमा का बखान करते हुए कहा कि संसार के मोह माया रूपी जंजाल में भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण भावनामृत भक्ति साधना ही मोक्ष प्राप्ति का साधन है।
साधक साधिकाओं श्रद्धालुओं द्वारा संकीर्तन भजन ओर अनुष्ठान सत्संग में विभिन्न सुगन्धित दृव्यों अबीर गुलाल केसर एवम् इत्र युक्त जल में राधे कृष्ण को मनोहारी श्रृंगार युक्त नौका में विहार कराया तथा 1008 विभिन्न प्रकार के भोग प्रसाद धराया ।
प्रारम्भ में कृपाली भट्ट ओर चरण वंदना , श्रीमति रचना व्यास ने तुलसी नृसिंह आरती विधान अभिषेक पूजा की।
इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान में प्राण नाथ निमाई,सुरेश, कुशाग्र निमाई दास,मानव, वारिश,रौनक,निखिल,जतिन, हेमेंद्र , प्रिंस, अंजलि ,मिनल, वंशी ,कुशल,दक्षा, दीपिका पंड्या, कृपाली भट्ट, डिम्पल,सुनील,सुरेश, नैमिष, अक्षी,शाबुनी मंडल, दीपिका, विभा,अर्चना, अनिता, भारती,चैतन्य,खुशी त्रिवेदी, चरण वंदना माताजी,श्रीमति रचना व्यास,मानस पंड्या, कुशाग्र,ओड्रिला, शिल्पा और कई साधक साधिकाएं श्रद्धालु शामिल थे ।
By Udaipurviews

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