देश का प्रकृति परीक्षण अभियान का सफल आयोजन

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर 24 दिसम्बर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के आईपीएम थियेटर में मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयुष मन्त्रालय की पहल ’’देश का प्रकृति परीक्षण अभियान’’ का सफल आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉं0 महेश दीक्षित, प्राचार्य, मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर ने बताया कि ’’देश का प्रकृति परीक्षण अभियान’’ के जरिये लोगों को उनकी प्रकृति को समझने और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिये आयुर्वेदिक सिद्धान्तों को अपनाने में आयुष मन्त्रालय द्वारा तैयार एक ऐप द्वारा मदद की जावेगी । इस ऐप को गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर व्यक्ति अपने मोबाईल फोन में इंस्टाल कर सकता है, जिससे ऐप में क्यूआर कोड जारी होता है और जिसे आयुष मन्त्रालय के स्वयं सेवकों द्वारा स्केन करके लोगों को उनकी प्रकृति बताई जाती है ।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि डॉं0 मन मोहन शर्मा, विभागाध्यक्ष, रोग निदान विभाग ने बताया कि इस अभियान के द्वारा देश के प्रकृति मैंपिंग के जरिये शौध के लिये बड़ा अनुसन्धान सैम्पल भी प्राप्त होगा तथा इस अभियान से लोगों को अपनी जीवनशैली, आहार और व्यायाम को अनुकुलित कर रोग निदान में मदद मिलेगी । कार्यक्रम में शामिल डॉं0 अंकिता चौधरी तथा आयुर्वेद महाविद्यालय के शोधकर्ताओं ने राजस्थान कृषि महाविद्यालय के विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, स्टाफ मेम्बर तथा विद्यार्थियों को उनके मोबाईल में प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करवा कर, उनका प्रकृति परीक्षण कर, रिपोर्ट डाउनलोड करने तथा रिपोर्ट समझा कर दैनिक जीवन में उपयोग लेने की जानकारी दी । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया । कार्यक्रम आयोजक महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉं0 आर.बी. दुबे ने बताया कि आयुर्वेद के सिद्धान्तों पर निर्भर होते हुये व्यक्ति को अपनी प्रकृति के अनुसार दैनिक जीवनचर्या अपनानी चाहिये और बताया कि इस अभियान का मकसद आयुर्वेद के फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है । कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय के सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉं0 एस.एस. लखावत द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया । कार्यक्रम का संचालन डॉं0 हेमलता शर्मा, विभागाध्यक्ष , आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग ने किया ।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!