स्थापित देवता एवं मातृका पूजन के साथ विष्णुयाग का शुभारंभ, 81 दिव्य कलशों से हुआ कीर्ति स्तंभ का महास्नपन
बड़ोदिया (बांसवाड़ा)। 26 जून। समस्त गुजराती मेवाड़ा सुथार समाज, बड़ोदिया एवं श्री विश्वकर्मा सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में श्री विश्वकर्मा मंदिर परिसर में शुक्रवार को दो दिवसीय श्री विष्णुयज्ञ एवं कीर्ति स्तंभ प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में वैदिक ऋचाओं, शंखध्वनि और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
हेमाद्रि संकल्प के साथ प्रारंभ हुए धार्मिक अनुष्ठान : आयोजन का शुभारंभ पंडित कपिल शास्त्री के आचार्यत्व में हेमाद्रि संकल्प, गणपति पूजन, मंडप प्रवेश, कलश स्थापना एवं अग्नि स्थापना के साथ हुआ। इसके बाद स्थापित देवता पूजन एवं मातृका पूजन संपन्न कराया गया तथा वैदिक विधि-विधान से विष्णुयाग प्रारंभ हुआ। यजमानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां देकर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं समाज की उन्नति की कामना की।
ग्रह शांति एवं कुटीर होम के साथ हुआ कीर्ति स्तंभ पूजन : महोत्सव के अंतर्गत नवनिर्मित कीर्ति स्तंभ की विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न हुई। समस्त देवी-देवताओं का आवाहन करते हुए ग्रह शांति एवं कुटीर होम के तहत यज्ञ में आहुतियां दी गईं। इसके पश्चात कीर्ति स्तंभ का दूध, घी, शर्करा, मधु, पंचगव्य एवं पंचामृत सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से अभिषेक कराया गया।
81 दिव्य कलशों से हुआ भव्य महास्नपन : पंडित पंकज जोशी एवं पंडित राहुल के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कीर्ति स्तंभ का जलाधिवास एवं धान्याधिवास संस्कार संपन्न हुआ। इसके साथ ही दिव्य औषधियों से युक्त 81 पवित्र कलशों के माध्यम से कीर्ति स्तंभ का भव्य महास्नपन कराया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों, घंटानाद और श्रद्धालुओं के जयघोष से गुंजायमान रहा।
आज संगीतमयी सुंदरकांड,
शनिवार को होगा प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य आयोजन : मंदिर समिति अध्यक्ष सुरेश सुथार ने बताया कि महोत्सव के प्रथम दिवस के धार्मिक अनुष्ठान देर शाम तक जारी रहेंगे। रात्रि में आयोजित होने वाला संगीतमयी सुंदरकांड श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। शनिवार को विष्णुयज्ञ की पूर्णाहुति, नवनिर्मित कीर्ति स्तंभ की वैदिक विधि-विधान से प्रतिष्ठा, महाआरती, धर्मसभा एवं विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सुथार समाज के सातों चोखलों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहेंगे।
इन यजमानों ने दी यज्ञ में आहुतियां : कीर्ति स्तंभ स्थापना के यजमान लीलाराम भूराजी शर्मा की ओर से डॉ. कमलेश शर्मा एवं श्रीमती भावना शर्मा तथा हेमन्त शर्मा एवं रंजना शर्मा ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। वहीं विष्णु यज्ञ कुंड के यजमान पुरुषोत्तमजी वखतरामजी सुथार परिवार की ओर से हीरालाल सुथार एवं मंजूला देवी ने यज्ञ में भाग लिया। प्रतिमा पूजन एवं अभिषेक के यजमान सुरेशचंद्र भुराजी सुथार एवं शकुंतला देवी ने भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां देकर समाज एवं विश्व के कल्याण की कामना की।
युवा कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान : प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने में समाज के युवा कार्यकर्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।लीलाराम शर्मा व प्रेमशंकर सुथार के निर्देशन में दिनेश सुथार, प्रवीण धूलजी सुथार, जगदीश शर्मा, हेमन्त शर्मा, नारायणलाल सुथार, घनश्याम सुथार, भूपेश सुथार, किशोर व दीपक सुथार, विशाल व दीपन, भुवन सहित अन्य युवाओं ने मंदिर परिसर की सजावट, यज्ञशाला की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन, महाप्रसादी, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालते हुए आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।
