ऋण आवेदन आमंत्रित की अंतिम तिथि 20 फरवरी

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

डूंगरपुर, 08 फरवरी/जिला अल्पसंख्यक कार्यालय के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगां को 86 तरह के व्यवसाय व 269 प्रकार के पाठ्यक्रम की शिक्षा के लिये आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेशचन्द्र जोशी ने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिम, जैन, सिक्ख, ईसाई, बौद्व व पारसी के गरीब व्यक्तियों को लघु उद्यम प्रारम्भ करने के लिये व्यवसाय ऋण जिसकी आयु सीमा 18 से 54 वर्ष एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को देश या विदेश से शिक्षा प्राप्त करने हेतु शिक्षा ऋण जिसकी आयु सीमा 16 से 32 वर्ष उच्च माध्यमिक परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है। निगम द्वारा कुछ पाठ्यक्रम निर्धारित किये गये है, जिन पर ऋण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि आर्थिक कारण से किसी भी पढ़ाई प्रभावित ना हो। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबन्धक, कम्प्यूटर नर्सिग, होटल मेनेजमेन्ट, आईटीआई, बीएड, मल्टीमीडिया, एनीमेशन सहित 269 तरह के तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के अभिभावक कार्यालय में सम्पर्क कर सकतें है। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता का अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, समस्त स्त्रोतों से परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास संबंधी प्रमाण पत्र, कार्यस्थल संबंधित प्रमाण पत्र, लाईसेंस, फोटो, जनआधार कार्ड, नेच प्रपत्र, पोस्ट डेटेड चैक आदि संलग्न करने होते है।
उन्होंने बताया कि व्यवसाय एवं शिक्षा ऋण ऑफलाइन आवेदन अल्पसंख्यक कार्यालय डंूगरपुर में आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है। आवेदनकर्ता अल्पसंख्यक कार्यालय डंूगरपुर से आवेदन प्राप्त कर सकतें है।

राजीनाम से प्रकरणों का निस्तारण कर सर्वश्रेष्ठ परिणाम दें – जिला न्यायाधीश
डूंगरपुर। इस माह की 11 तारीख को आयोजित होने वाली वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा से प्रकरणों के निस्तारण के लिये सभी अधिकारीगण पूर्ण क्षमता से कार्य करते हुए सर्वश्रेष्ठ परिणाम दें। यह विचार जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री भंवर लाल बुगालिया ने दिनांक 07.02.2023 को आयोजित बैठक में जिले के न्यायिक अधिकारीगण को संबोधित करते हुए कही। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश व सचिव श्री कुलदीप सूत्रकार ने बताया कि इस माह आयोजित होने वाली वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर से प्राप्त निर्देशानुसार श्री बुगालिया ने न्यायिक अधिकारीगण की बैठक लेते हुए उन्हें निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन लंबित प्रकरणों में प्रभावी प्री- काउंसलिंग करावें। श्री बुगालिया ने यह भी कहा कि राजीनामें योग्य मामलों में, विशेषकर 10 लाख रूपये तक की राशि के चैक संबंधी मामलों में अधिवक्तागण के सहयोग से व पक्षकारान की सकारात्मक माहौल में कराई गई प्री काउंसलिंग से प्रकरणों का राजीनामें से निस्तारण संभव है। साथ ही उन्होंने न्यायालय में लंबित पारिवारिक प्रकरणों, धन वसूली संबंधी मामलों सहित राजीनामा योग्य प्रकरणों के निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होनें न्यायालय द्वारा जारी नोटिस समय पर पुनः न्यायालय में प्रस्तुत करने व पुलिस थाना पर वे प्रकरण जो राजीनामा योग्य हैं उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करवाने पर विशेष बल दिया। बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिककरण, श्री कुलदीप सूत्रकार ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत में किसी भी प्रकार की समस्या के निदान हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डूंगरपुर से सम्पर्क करने हेतु अवगत कराया। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में राज्य सरकार के आदेश पर न्यायालय से लिये जाने वाले प्रकरणों में समय पर कार्यवाही पूर्ण कर राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण बाबत् सकारात्मक कार्य किये जाने पर बल दिया।

By Udaipurviews

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