गुरु दर्शन यात्रा 2026 : उदयपुर से बीकानेर – ऐतिहासिक समर्पण और श्रद्धा की यात्रा संपन्न

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

– 13 बसों में 475 यात्रियों ने किए आचार्य श्री रामेश के दर्शन
– पंजाब के  राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी किए आचार्य रामेश के दर्शन

उदयपुर 28 सितंबर । समता युवा संघ, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित गुरु दर्शन यात्रा 2026 ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और समर्पण की मिसाल बनकर सम्पन्न हुई। आराध्य गुरुदेव आचार्य श्री रामेश के दर्शन हेतु उदयपुर से 13 बसों में 475 श्रद्धालुओं का जत्था बीकानेर पहुंचा और दर्शन-वंदन का लाभ लेकर सकुशल उदयपुर लौटा। 25 सितंबर को उदयपुर से 13 बसें प्रात: रवाना होकर नियत समय पर बीकानेर पहुँची। वहां आचार्य रामेश आदि ठाणा के पावन सानिध्य में आयोजित प्रार्थना, प्रवचन एवं धर्म देशना का सभी यात्रियों ने लाभ लिया। आचार्य श्री की ओजस्वी वाणी से सम्पूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया। प्रवचन के पश्चात दोपहर 3.30 बजे आचार्य श्री से मांगलिक श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लयबद्ध जयघोषों से सम्पूर्ण परिसर को “जय गुरु राम” के नारों से गुंजायमान कर दिया। सायं भोजन के पश्चात सभी यात्री प्रतिक्रमण एवं गुरु भक्ति संध्या में लीन रहे। द्वितीय दिवस, 27 सितंबर को सभी यात्री प्रात: समयबद्ध रूप से समता शाखा में सम्मिलित हुए, तत्पश्चात महासती जी म.सा. द्वारा मांगलिक श्रवण एवं प्रवचन का लाभ लिया। प्रवचन के पश्चात उदयपुर श्रीसंघ को संतों का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर 2022 में उदयपुर में आयोजित राम महोत्सव के अविस्मरणीय क्षणों का स्मरण कर सभी भाव-विभोर हो उठे। म.सा. ने उदयपुर में त्याग, तपस्या, धर्म और ध्यान के प्रति चल रहे ठाठ की मुक्त कंठ से सराहना की। इसके पश्चात सभी यात्रियों ने बीकानेर में विराजित सभी संत-सतीवृंद के दर्शन किए। दोपहर 2 बजे वाचनि का लाभ प्राप्त कर समता युवा संघ, उदयपुर द्वारा संचालित धार्मिक गतिविधियों की जानकारी संतों को दी गई।
– तपस्या का अद्भुत संगम
यात्रा का सबसे प्रेरणादायी प्रसंग रहा तपस्या।  उदयपुर के अजय दक ने आचार्य भगवन् के मुखारविंद से 76 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण कर आज 65 उपवास पूर्ण किए, वहीं कुंदन सिंह डुंगरपुरीया ने 25 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण कर 24 उपवास की तपस्या गतिमान रखी। इसके साथ ही दो श्रावकों ने केश लोच करवाकर त्याग के मार्ग पर अग्रसर होने का संकल्प लिया। समस्त श्रीसंघ ने तपस्वियों की अनुमोदना की।
– जैन साहित्य संगम का राष्ट्रीय अधिवेशन
इसी दौरान आदिनाथ भवन, बीकानेर में जैन साहित्य संगम का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ, जिसमें उदयपुर से गया यात्रा दल भी सम्मिलित हुआ। इस गरिमामय आयोजन में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गांधी, विधायक जेठानंद व्यास, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, साधुमार्गी जैन सेवा समिति बीकानेर के अध्यक्ष कन्हैयालाल बैद, जैन साहित्य संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप जैन हर्षदर्शी, राष्ट्रीय संयोजक अशोक नागौरी आदि गणमान्य उपस्थित रहे। दोपहर के समय राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्वयं आचार्य रामेश के दर्शन, सेवा एवं मांगलिक का लाभ लिया।
– नो नेम – नो ब्लेम थीम बनी प्रेरणा
इस पूरी यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता रही युवा टीम का समर्पण। लगभग 20-25 युवाओं के दल ने नो नेम – नो ब्लेम की थीम पर कार्य किया। बिना किसी व्यक्तिगत नाम की अपेक्षा के, केवल संघ समर्पण की भावना से युवाओं ने जिस उल्लास, मैत्री और अनुशासन से व्यवस्था संभाली, वह सभी के लिए अनुमोदनीय और अनुकरणीय रहा। बीकानेर श्रीसंघ का आतिथ्य अत्यंत उत्कृष्ट रहा। आवास, निवास एवं भोजन की उत्तम व्यवस्था तथा यात्रियों की समयबद्धता और सहयोग ने यात्रा को पूर्णत: सफल बनाया। सायं भोजन के पश्चात सभी 475 यात्री 13 बसों से उदयपुर के लिए प्रस्थान कर गए। समता युवा संघ, उदयपुर ने सभी श्रावक-श्राविकाओं, सहयोगियों एवं बीकानेर श्रीसंघ का आभार व्यक्त किया है। यह यात्रा सभी के हृदय में सदैव के लिए अमूल्य स्मृति बन गई है।

By Udaipurviews

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