उदयपुर। हरे कृष्ण मंदिर उदयपुर ने भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव श्री कृष्ण जन्माष्टमी एवं नंद उत्सव का दो दिवसीय भव्य आयोजन शहर के विभिन्न बड़े रिसोर्ट में किया। प्राकट्य दिवस जन्माष्टमी का भव्य आयोजन सॉलिटेयर रिजॉर्ट, उदयपुर में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में उदयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कृष्ण भक्त उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान परिसर भक्तिमय वातावरण, हरिनाम संकीर्तन और कृष्ण भक्ति से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ हरे कृष्ण मूवमेंट के नन्हे-मुन्ने बालकों द्वारा श्लोक उच्चारण एवं मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों से हुआ। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके पश्चात हरे कृष्ण मूवमेंट के युवाओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं उनके संदेश को दर्शाती एक अद्भुत लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्री लड्डू गोपाल जी का भव्य महाभिषेक रहा। अभिषेक के दौरान ठाकुर जी को विभिन्न प्रकार के फलों के रस, पंचगव्य एवं पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की सहस्रधाराओं, फल एवं लगभग दस प्रकार के पुष्पों से भगवान का अभिषेक किया गया। विभिन्न प्रकार की आरतियों एवं पंचारती के साथ सम्पन्न हुए इस दिव्य महाभिषेक के दौरान मंच से लगातार वैदिक मंत्रोच्चारण एवं मधुर हरिनाम संकीर्तन की धुन गूंजती रही। भक्तजन कीर्तन में झूमते हुए भगवान के महाभिषेक के दर्शन करते रहे और पूरा वातावरण कृष्णमय हो उठा। इसके बाद हरे कृष्णा मूवमेंट उदयपुर के केंद्र प्रभारी मैत्रेय प्रभु द्वारा जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण के उद्देश्य एवं उनके दिव्य संदेश को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। तत्पश्चात भगवान श्रीकृष्ण को भोग अर्पित किया गया तथा छप्पन भोग की भव्य सेवा सम्पन्न हुई। इसके बाद भगवान की भव्य आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में झूलन उत्सव भी विशेष रहा। हरे कृष्ण मूवमेंट के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद के आविर्भाव दिवस को ओपेरा रिसोर्ट में बड़े धूमधाम एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया। कार्यक्रम में उदयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कृष्ण भक्त शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान परिसर हरिनाम संकीर्तन, जयघोष और कृष्ण भक्ति से गुंजायमान रहा।
हरे कृष्ण मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी और नंदोत्सव का हुआ भव्य आयोजन
