पर्युषण के पांचवें दिन मनाया व्रत चेतना दिवस, महाप्रज्ञ विहार में तेरापंथ समाज की धर्मसभा
उदयपुर। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से व्रत चेतना दिवस मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के आज्ञानुवर्ती मुनि संजय कुमार दिवेर, मुनि प्रकाश कुमार दिवेर एवं मुनि सिद्धि प्रज्ञजी उज्जैन के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल की सदस्याओं द्वारा मंगलाचरण एवं गीतिका की प्रस्तुति से हुआ। तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों ने “पर्युषण पर्व मनाएं हम” गीत प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
व्रत चेतना दिवस पर मुनिश्री ने कहा कि व्रत धारण करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके नियमों के प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक है। व्रत तभी सार्थक होता है, जब व्यक्ति अपने आचरण में संयम और चेतना को उतारता है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को शीलव्रत धारण करने, रात्रि भोजन का त्याग करने तथा चार व्रती एवं बारह व्रती के संकल्प लेने की प्रेरणा दी।
मुनिश्री ने भजन एवं भगवान महावीर स्वामी की आध्यात्मिक यात्रा के प्रसंगों के माध्यम से पर्युषण की महिमा समझाई। उन्होंने कहा कि यह पर्व आत्मावलोकन, आत्मशुद्धि, क्षमा और संयम का अवसर है। धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने त्याग, तप एवं आध्यात्मिक जागरूकता अपनाने का संकल्प लिया। तेरापंथ सभा उदयपुर के अध्यक्ष राजकुमार कच्छारा और मंत्री राकेश नाहर ने बताया कि रविवार 13 सितम्बर को जप दिवस मनाया जायेगा।
व्रत केवल संकल्प नहीं, जागरूक चेतना का मार्ग हैःमुनिश्री
