-राजस्थान मंत्रिमंडल का बड़ा निर्णय : वन अधिनियम सेवा नियमों में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
फतेहनगर। राजस्थान वन विभाग में लंबे समय से पदोन्नति की राह देख रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वन विभाग में पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए संगठन और विभागाध्यक्ष स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद राज्य सरकार के स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
13 अगस्त 2026 को आयोजित राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में वन अधीनस्थ सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। इस संशोधन के बाद अब राज्य स्तर पर डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की कार्यवाही किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे पिछले करीब चार वर्षों से लंबित डीपीसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद जगी है।
राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि वन विभाग में पदोन्नति संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए संगठन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। संगठन के माध्यम से सांसद सी.पी. जोशी के समक्ष भी इस महत्वपूर्ण समस्या को रखा गया था। सांसद सी.पी. जोशी के अथक प्रयासों से इस मामले को राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कैबिनेट ने नियम संशोधन को मंजूरी प्रदान की।
नियम संशोधन के बाद वन विभाग में सहायक वनपाल एवं वनपाल सहित संबंधित पदों पर पदोन्नति के अवसर बढ़ने का रास्ता साफ होगा। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में इस निर्णय को लेकर खुशी की लहर है।
सुरेश चन्द्र शर्मा ने राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ की ओर से सांसद सी.पी. जोशी को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि संगठन, विभागाध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से कर्मचारियों के हित में यह महत्वपूर्ण निर्णय संभव हुआ है।
वन विभाग के कर्मचारियों को अब लंबित डीपीसी प्रक्रिया शुरू होने तथा पदोन्नति के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट के इस निर्णय को वन विभाग के कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
