प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले- अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच हो; टूटी सड़कों और पार्किंग की खामियां भी स्वीकार, पेयजल सुधार को बताया प्राथमिकता
उदयपुर, 28 सितंबर : नगर निगम के नए महापौर पारस सिंघवी, उपमहापौर दिनेश भट्ट और भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों के साथ शहर से जुड़े सवालों पर भी जवाब दिए। पत्रकारों ने 272 भूखंड प्रकरण, बदहाल सड़कों, पार्किंग और पेयजल व्यवस्था को लेकर महापौर से सीधे सवाल किए। सबसे अहम बयान 272 प्लॉट प्रकरण को लेकर सामने आया। सिंघवी ने कहा कि निगम की अनुमति लेकर मकान बनाने वाले आम नागरिकों की कोई गलती नहीं है। उन्होंने अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जरूरत बताई।
सिंघवी ने कहा कि प्रकरण में दोषी लोग जेल जा चुके हैं और एसओजी इसकी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले में जनता को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए तथा जांच रिपोर्ट में संबंधित भूखंडों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब 272 प्लॉट प्रकरण में दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले में एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह जैन की एसीबी गिरफ्तारी चर्चा में है।
टूटी सड़कों पर जल्द प्लान का दावा
महापौर ने माना कि शहर की कई सड़कों की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी और अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जल्द सड़कों को दुरुस्त करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
पार्किंग में खामियां स्वीकार
गुलाबबाग के बाहर खांजीपीर रोड और सूरजपोल की बहुमंजिला पार्किंग के कम उपयोग पर सिंघवी ने कहा कि लोगों को इनका उपयोग कराने में निगम से कुछ कमियां रही हैं। ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुधारने की बात कही।
पेयजल व्यवस्था सुधारने पर जोर
महापौर ने पेयजल संकट को भी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि नियमित जलापूर्ति के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा। उन्होंने शहर की दीर्घकालीन जल जरूरतों के लिए जल स्रोत मजबूत करने की आवश्यकता जताई। पदभार संभालने के बाद सिंघवी ने नए निगम क्षेत्रों में भी पेयजल, सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता बताया था।
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