श्री उत्तम स्वामी जी के मुखारविंद से श्रीराम कथा प्रारंभ
भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ आयोजन प्रतापगढ़। आज के कलिकाल में यदि पूरा विश्व राम मय हो तो विश्व में शान्ति सम्भव है l हमको घर घर में राम का पूजन करना चाहिए, जिससे सब में राम जेसे संस्कार आ सके l राम के चित्र को ध्यान में, और राम के आदर्शों को चरित्र मे उतरना ही राम कथा का सार है l ये ही राम चरित मानस है। ये अमृत बचन आज महर्षि उत्तम स्वामी जी ने कहे । कथा के प्रारम्भ में सबसे पहले गुरूदेव ने इंडिया पति हनुमान जी मन्दिर का नाम अँग्रेजी से बदल कर भारत पति…
