प्रभु की पूजा से पुण्य बढ़ता है, लेकिन आज्ञा पालन और रात्रिभोजन त्याग श्रेष्ठ धर्म : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर
- पूजा करने से भी अधिक महत्वपूर्ण है प्रभु की आज्ञा को जीवन में उतारना - आयड़ तीर्थ में शनिवारीय प्रश्नोत्तरी प्रवचन में दिया संदेश उदयपुर, 22 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। प्रतिदिन आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं धर्मलाभ ले रहे हैं। शनिवारीय प्रश्नोत्तरी प्रवचन में आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि परमात्मा की पूजा से नि:संदेह पुण्य का संवर्धन होता है,…
