खिलौने बेचने वाले मुकेश वैष्णव ने उपवास के बावजूद दिखाई बहादुरी, सुरक्षा सामग्री लेकर रोज पहुंचते हैं फतहसागर की पाल पर
उदयपुर। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर फतहसागर झील की पाल पर एक बार फिर इंसानियत और साहस की मिसाल देखने को मिली। फतहसागर की पाल पर खिलौने की दुकान लगाने वाले मुकेश वैष्णव ने आत्महत्या के उद्देश्य से झील में कूदी एक युवती की जान बचा ली। युवती के झील में छलांग लगाने की सूचना मिलते ही मुकेश ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
खास बात यह रही कि मुकेश स्वयं उपवास पर थे, इसके बावजूद युवती की जान बचाने के लिए उन्होंने एक पल भी पीछे हटने के बारे में नहीं सोचा। उनकी इस बहादुरी और मानवीय संवेदना की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की।
– रोज साथ रखते हैं रस्सी, टायर और ट्यूब
मुकेश वैष्णव प्रतिदिन फतहसागर की पाल पर खिलौने की दुकान लगाने पहुंचते हैं। झील में आए दिन होने वाली डूबने की घटनाओं को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा के लिए अपने पास रस्सी, टॉर्च, टायर, ट्यूब सहित अन्य जरूरी सामग्री रखना शुरू कर दिया है। झील में किसी व्यक्ति के डूबने अथवा किसी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही मुकेश बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं। वे कई लोगों की जान बचा चुके हैं। उनका कहना है कि किसी की जान बचाने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। मुकेश की इस निस्वार्थ सेवा और साहस के कारण वे फतहसागर की पाल पर आने वाले लोगों के बीच एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पहचान बना चुके हैं, जो संकट की घड़ी में मदद के लिए सबसे पहले आगे आता है।
जन्माष्टमी पर मुकेश बना तारणहार, फतहसागर में कूदी युवती को बचाया
