शिलान्यास के साथ किया भामाशाहों बहुमान
उदयपुर, 3 मई। श्री हुक्मगच्छीय साधुमार्गी स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान के तत्वावधान में नवनिर्माणाधीन आत्मोदय नवकार भवन का भूमि वंदन एवं शिलान्यास समारोह का आयोजन रविवार को केशवनगर स्थित वर्धमान विहार में ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न हुआ।
संस्थान मंत्री पुष्पेन्द्र बड़ाला ने बताया कि रविवार को केशवनगर स्थित वर्धमान विहार में समारोह का आगाज प्रातः 9 से साढ़े नौ बजे तक महासती श्री वसुमति जी म.सा. एवं महासती श्री पुष्पावती जी म.सा. की निश्रा में सामूहिक नवकार महामंत्र के जाप के साथ हुआ। इस अवसर पर महासती जी म.सा. ने अपना संक्षिप्त उद्बोधन प्रदान करते हुए मांगलिक प्रदान की। तत्पश्चात पंडित धरणेन्द्र जैन ने 9.31 बजे पूर्ण जैन विधि-विधान के अनुसार भूमि वंदन लाभार्थी एवं संस्थान अध्यक्ष इंदर रंजना मेहता ने भूमिवंदन किया। भूमि वंदन की सभी विधियों के बीच सामूहिक नवकार महामंत्र का जाप अद्भुत छटा बिखेर रहा था। समारोह की अध्यक्षता श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शान्त-क्रान्ति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू भूरट ने की, जबकि मुख्य अतिथि समाजसेवी सुरेश गूंदेचा रत्नागिरी थे। वहीं राष्ट्रीय संघ आधार संरक्षक भूपेन्द्र बाबेल, यशवंत आंचलिया एवं संरक्षक श्यामसुंदर मारू, विजय सिंह लोढ़ा, लक्ष्मण सिंघवी, राष्ट्रीय युवा संघ के महामंत्री पंकज संचेती, पूर्व उप महापौर पारस सिंघवी एवं पूर्व पार्षद राकेश जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
समारोह को सम्बोधित करते हुए श्रीसंघ अध्यक्ष इंदर सिंह मेहता ने कहा कि वर्ष 2024 का आत्मोदय वर्षावास, आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. के पावन सानिध्य में जिस भव्यता और आध्यात्मिक ऊँचाई के साथ सम्पन्न हुआ, उसने हमारे अंतर्मन में एक नवीन चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार किया और उसी संकल्प के बल पर आज आत्मोदय नवकार भवन का निर्माण प्रारम्भ हो रहा है। वर्ष 2024 आचार्यश्री जी के आत्मोदय वर्षावास की स्मृति को जयवंत रखने हेतु इस भवन का नाम आत्मोदय नवकार भवन रखा गया है। यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं होगा, यह बनेगा आत्मोदय का तीर्थ जहाँ से धर्म साधना, शिक्षा, संस्कार और सेवा की गंगा निरंतर प्रवाहित होगी। यहाँ प्रस्तावित प्रवचन हॉल, सभा स्थल, कार्यालय, भोजनशाला, कॉन्फ्रेंस हॉल एवं कक्ष समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणा, साधना और उपयोगिता के केंद्र बनेंगे। आज इस अवसर पर मैं विशेष रूप से उन सभी उदारमना पुण्यात्माओं का हृदय से अभिनंदन करता हूँ, जिन्होंने रत्न स्तम्भ योजना के माध्यम से इस पावन कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है। यह मेरी पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है कि आज यहां भवन निर्माण कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है, विशेष रूप से मंत्री पुष्पेन्द्र बड़ाला जिन्होंने मेरा हर कदम पर कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। हमारा यह प्रयास रहेगा कि यह सर्वसुविधायुक्त भवन दो वर्ष में तैयार कर देंगे।
समारोह को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू भूरट ने कहा कि उदयपुर से मेरा विशेष लगाव रहा है और यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस पल का साक्षी बना हूं, निश्चय ही यह आत्मोदय नवकार भवन आत्मा के कल्याण हेतु मील का पत्थर साबित होगा यहां होने वाली धार्मिक गतिविधियों से नित नये इतिहास बनाएगा। यह आचार्य भगवन् की पुण्यवानी का प्रबल प्रभाव ही है कि दो वर्ष पहले चातुर्मास का सौभाग्य उदयपुर को प्राप्त हुआ और अब यहां भव्य भवन बनने जा रहा है। उप महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि निश्चय ही उदयपुर श्रीसंघ की संकल्प शक्ति बहुत ही मजबूत है और उसी के परिणाम स्वरूप यहां भव्य नवकार भवन बन रहा है, जहां संकल्प है वहां श्रद्धा है, उसी श्रद्धा के फलस्वरूप उदयपुर श्रीसंघ के इतिहास में नये-नये कीर्तिमान बन रहे हैं।
इस अवसर पर शिलान्यास पट्टिका का अनावरण अतिथियों द्वारा किया गया। जैसे ही अनावरण हुआ चहुंओर से हर्ष-हर्ष जय-जय, केसरिया-केसरिया आज हमारो मन केसरिया का नाद गूंजायमान हो गया। उत्कृष्ट सेवाएं देने पर श्रीसंघ मंत्री पुष्पेन्द्र बड़ाला का मेवाड़ी पगड़ी एवं उपरणा ओढ़ाकर विशिष्ट बहुमान किया गया। इसके साथ आरएएस बने अर्चित कंठालिया, जुहील कोठारी का भी विशेष बहुमान किया गया। वहीं निर्माण समिति संयोजक ललित बम्ब, सह संयोजक विश्वजीत बम्बोरिया, कोषाध्यक्ष ललित वर्डिया, आर्किटेक्ट विरेन्द्र अलावत, देवेन्द्र वर्डिया, गौतम नलवाया, अशोक खेतपालिया ने नवकार भवन में 21 कक्ष के भामाशाहों का उपरणा ओढ़ाकर बहुमान किया। मंत्री बड़ाला ने बताया कि संस्थान द्वारा संचालित रत्न स्तम्भ योजना में 225 महानुभावों की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। भूमि वंदन एवं शिलान्यास समारोह में युवा संघ अध्यक्ष दिपेश बोकड़िया एवं महामंत्री अंकित बोल्या एवं महिला संघ अध्यक्ष डॉ. रेखा बड़ाला एवं मंत्री ममता बम्बोरिया एवं इनकी टीम ने भी महत्ती भूमिका का निर्वहन किया। कार्यक्रम पश्चात आयोजित गौतम प्रसादी में विरेन्द्र वर्डिया, विजेन्द्र छाजेड़, ललित हिंगड़, अशोक लोढ़ा, अशोक कोठारी, अशोक मेहता के साथ-साथ महिला संघ एवं युवा संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भोजन व्यवस्था को संभाला। कार्यक्रम के अन्त में उपाध्यक्ष आनंदीलाल बम्बोरिया ने सभी का आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मंगलाचरण डॉ. रेखा बड़ाला, लता चपलोत, मधु वर्डिया द्वारा किया गया, जबकि स्वागत गीत ममता बम्बोरिया, श्वेता नैनावटी, मधु जारोली, स्नेह खोखावत ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सुश्रावक अशोक रातड़िया द्वारा लिखित आत्मोदय वर्षावास के प्रवचनों के अंश पुस्तक प्रश्नोत्तर प्रभावना अतिथियों को भेंट की।
नवकार महामंत्र के जाप की गूंज के बीच हुआ आत्मोदय नवकार भवन का भूमिवंदन
