उदयपुर,(राजेश वर्मा)। वन विभाग द्वारा हर साल मानसून में हरियाली बढाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर पौधे तैयार किए जाते हैं और लगाए भी जाते है। लाखों खर्च करने के बाद भी कहीं न तो लगाए हुए पोधे बडे होते दिखते हैं न ही हरियाली बढ पाती है। सालों से उदयपुर जिले की अरावली सूखी बंजर ही पडी दिख रही है। इसके बावजूद वन विभाग अपने रेंज में हरियाली बढाने के प्रयास में जुटा है। इस बार भी आगामी मानसून के दौरान वन रेंज को हरा भरा करने के लिए पौधों की तैयारियों के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग करीब 10.26 लाख रुपए लागत में खरीदे जाने वाले पॉलिथिन बैग्स में पौध तैयार करेगा। उप वन संरक्षक, वन्यजीव उदयपुर की ओर से अधीनस्थ रेंज के विभिन्न वन्य जीव रेंजों अधीन विभिन्न कार्यस्थलों पर पौध तैयारी के लिए पॉलिथिन बैग्स (थैली) आपूर्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है। पौध तैयार करने के लिए 120 माइक्रॉन की पॉलिथिन बैग्स काम में लिए जाएंगे। पौधे तैयार करने के लिए आवश्यक खाद भी काम में लिया जाएगा। इसकी आपूर्ति के लिए भी विभाग द्वारा निविदाएं आमंत्रित की गई है। विभाग विभिन्न कार्यस्थलों पर पौध तैयारी के लिए 9.07 लाख रुपए का देशी खाद, रेती—बजरी, मिट्टी (पणा) खरीदेगा। पौधरोपण के लिए पौध करने में करीब 20 लाख रुपए खर्च होंगें। इसके अलावा मजदूरी व्यय अलग है। लाखों रुपए खर्च कर पौध तैयार होंगें। उसके बाद पौधरोपण के लिए भी विभाग द्वारा पूरे मानसून में राशि व्यय करेगा। अब यह तो समय बताएगा कि विभाग द्वारा तैयार किए जाने वाले पौध और पौधरोपण के बाद कितने पौधे बच पाते है।
वन विभाग 10.26 लाख के पॉलिथिन बैग्स में तैयार करेगा पौध
