प्रतापगढ़ : आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

∆ 12.75 करोड़ का हिसाब मिला, 06 लैपटॉप, 38 मोबाइल, 48 सिम कार्ड व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जप्त

जयपुर 9 अप्रैल। आईपीएल सीजन के दौरान सट्टेबाजी के काले कारोबार के खिलाफ प्रतापगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में पुलिस टीम ने एक फार्म हाउस पर छापा मारकर ऑनलाइन सट्टा चला रहे अंतर्राज्यीय गिरोह के 06 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 12 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक का हिसाब-किताब और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी श्री गजेंद्र सिंह राव के मार्गदर्शन में की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रतापगढ़ निवासी अंकित डोसी के सर्वोदय स्कूल के पास स्थित फार्म हाउस की बिल्डिंग में बड़े स्तर पर सट्टे का कारोबार चल रहा है।
फार्म हाउस बना था कंट्रोल रूम, सीसीटीवी से होती थी मॉनिटरिंग
पुलिस की टीम जब मौके पर पहुँची, तो पाया कि मुख्य आरोपी अंकित डोसी वहां मौजूद नहीं था, लेकिन वह सीसीटीवी कैमरे की लाइव फीड के जरिए किसी अन्य जगह से पूरे सट्टे की निगरानी कर रहा था। पुलिस ने फार्म हाउस की पहली मंजिल पर छापा मारकर मौके से 6 लोगों को रंगे हाथों सट्टा लगाते पकड़ा।
इन वेबसाइट्स के जरिए चलता था खेल
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले 8-10 दिनों से संगठित रूप से यह काम कर रहे थे। वे Star66.co, https://www.google.com/search?q=Diamondexch.com, Star-777, 247 और Lotus जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ग्राहकों को आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराते थे। टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए सट्टे की राशि का लेनदेन और पेमेंट के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे।
पुलिस ने मौके से 06 लैपटॉप, 38 स्मार्टफोन्स, 48 सिम कार्ड और वाईफाई डिवाइस जब्त किए। लैपटॉप और डायरियों की जांच में 24 अक्टूबर 2025 से 08 अप्रैल 2026 तक कुल 12 करोड़ 54 लाख 45 हजार 217 रुपये का हिसाब मिला है।
कार्रवाई के दिन यानी बुधवार को भी करीब 11 लाख रुपये के लेनदेन का हिसाब पाया गया।
पकड़े गए आरोपी राजस्थान सहित पंजाब, मध्य प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। इनमे हर्षवर्धन अग्रवाल (27) व पुरुषोत्तम रेगर (24) नीमच (मप्र), प्रिंस कुमार (30) जालंधर (पंजाब), लखपत विश्नोई (25) व हरमन सिंह (24) श्रीगंगानगर और रामबाबू मुखिया (26) दरभंगा (बिहार) के रहने वाले है।
विशेष टीम की भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में प्रशिक्षु आरपीएस राहुल गोयल, प्रतापगढ़ थानाधिकारी शंभु सिंह, डीएसटी प्रभारी प्रताप सिंह, साइबर सेल और क्यूआरटी टीम की मुख्य भूमिका रही।
पुलिस ने बीएनएस, आरपीजीओ एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मुख्य सरगना अंकित डोसी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े नामों और बैंक खातों की जांच कर रही है।

By Udaipurviews

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