बांसवाड़ाः कृषि अनुसंधान केन्द्र, बोरवट फार्म बांसवाड़ा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना के अन्तर्गत एक दिवसीय कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन झेर्पारा (करजी) गाँव में किया गया। जिसमें झेर्पारा गाँव के लगभग 75 किसानो ने भाग लिया। इस अवसर पर केन्द्र के संभागीय निदेषक अनुसंधान डाॅ. हरगिलास ने फसलों पर मौसम के प्रभाव की जानकारी दी उन्होने बताया की यह केन्द्र सप्ताह में दो दिन मंगलवार व षुक्रवार को मौसम पूर्वानुमान की विज्ञप्ती जारी करता है जिसमें मौसम के घटक, वर्षा, तापमान, बादल, आर्द्रता, धूप, हवा की गति एवं दिषा के पूर्वानुमान के साथ फसल एवं फलवृक्षों संबंधित बुवाई, कटाई, अंतराषस्य क्रिया, कीट एवं रोग-व्याधि रोकथाम व उपचार की जानकारी दी जाती है। किसानों से आग्रह किया कि अपने मोबाईल नम्बर रिकार्ड करवाकर कृषि मौसम संबंधित सुचना ले सकते है। श्री मुकेष जोषी, कृषि वैधषाला प्रेक्षक, ने किसानांे को बताया कि फसल पर आधारित रोग-किट सभी मौसम से प्रभावित होते है अतः मौसम के अनुकूल फसलों का चुनाव करके बुवाई करे।
इस अवसर पर डाॅ. पीयूष चैधरी, रिसर्च एसोसीएट, ने मौसम सम्बन्धित जानकारीयो,कृषकों में उसकी उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला साथ ही मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर खेती की जानकारी के बारे में विस्तृत चर्चा की। केन्द्र के श्री अषोक मावी, वाय.पी.- प् ने मंच का संचालन एवं आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना के तहत एक दिवसीय किसान जागरूकता कार्यक्रम
