श्रमिक दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
उदयपुर 01 मई /श्रमिक दिवस पर जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को प्रतापनगर स्थित कुलपति सभागार में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि आज उन लोगों का दिवस है जिन्होने हर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है, कोयले की घुप्प अंधेरी खदानों से लेकर बहुमंजिला ईमारतों की उंचाई तक नापने वाले मजदुर , बडे बडे बांध बनाकर नदियेां के रूख को मोडने वाले मजदुर, लोहे को पिघला कर बडे बडे उपरण बनाने वाले मजदुर, बडी बडी नदियेां पर पुल बनाने वाले मजदूर , हमारा आपका बोझ उठाने वाले मजदूर , दुनिया में जब भी किसी व्यक्ति की जरूरत पूरी होती है तो उसमें हजारों मजदूरों का पसीना शामिल होता है, लेकिन आज भी वह मजदूर अपनी बूनियादी जरूरतों के लिए तरस रहा है, हालांकि कुछ ऐसे लोग भी हुए है जिन्होने मजदूरो को उनका हम दिलाने के लिए लडाई लडी है। आवश्यकता है केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी योजनाओं का लाभ इन तक पहुंचाने की, जागरूकता के अभाव में इस लाभ से आज भी वंचित है। प्रो. सारंगदेवोत न कार्यकर्ताओें का आव्हान किया वे अपने अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ पूरा करें।
कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि संस्थापक मनीषी पंडित नागर ने 1937 में श्रमिकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडने के उद्देश्य से ही रात्रिकालीन श्रमजीवी कॉलेज की स्थापना की जिसमें दिन में काम करने वाले श्रमिकों को शिक्षा दी जाती थी।
संगोष्ठी में सतीश कूुमार , पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त भारत सरकार , डीएसपी चेतना भाटी, चाईल्ड लेबर सदस्य डॉ. महावीर जैन, कोटा खुला विवि की निदेशक डॉ. रश्मि वोहरा ने कहा कि आज हर व्यक्ति जो कार्य करता है वह श्रमिक है, चाहे शारीरिक हो या मानसिक। उन्होने कहाकि मालिक कम पैसा देकर अधिक कार्य कराना चाहता है , इस मानसिकता को बदलना होगा। आज भी देश में बड़ी संख्यॉ में श्रमिकों का शोषण हो रहा है, उन्हे दैनिक वेतनमान भी पूरा नहीं मिल रहा है। श्रमिक इतना चाहता है कि उन्हे जिस जगह वह कार्य कर रहे है उन्हे पूरा सम्मान मिले। देश में हो रहे बाल श्रम को भी रोकने की जरूरत है।
संगोष्ठी में प्रो.़ गजेन्द्र माथुर, डॉ. आईजी माथुर, डॉ. तरूण श्रीमाली, प्रो. जीवनसिंह खरकवाल, डॉ. पारस जैन, डॉ. लाला राम जाट, डॉ. नवल सिंह राजपूत, डॉ. आशीष नंदवाना, डॉ. नजमुद्दीन, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. चन्द्रेश छतलानी, डॉ. उमराव सिंह, डॉ. हिम्मत सिंह, यज्ञ आमेटा, मोहन गुर्जर, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत, मोहन गुर्जर, सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
