पुनावली दोहरे हत्याकांड का खुलासा: पडौसी ने साथियों संग रचि साजिश, 5 आरोपी पकडे

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। जिले के सायरा क्षेत्र के गांव पुनावली में गत दिनों हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोहरे हत्याकांड को मृतक वृद्ध दम्पत्ति के पडौसी ने ही अन्य राज्यों से अपने साथियों के साथ साजिश रचते हुए अंजाम तक पहुंचाया। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता दुहन ने बताया कि पुनावली सायरा निवासी धुलीराम पुत्र शंकरलाल पालीवाल ने गत 12 अगस्त को दी रिपोर्ट में उसके बडे भाई 70 वर्षीय लहरीलाल व भाभी राधाबाई के घर से लापता होने और घर खुला होने की जानकारी दी। रिपोर्ट में दोनों के साथ अनष्टि घटना घटित होने की आशंका जताई। जांच के दौरान ही लापता लेहरीलाल व राधाबाई की लाश 14 अगस्त को उनके अपने ही घर के अंदर एक बक्से में मिली। मौके से एमओबी टीम, एफएसएल टीम द्वारा मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए एवं डॉग स्क्वॉड द्वारा निरीक्षण किया गया। मृतक लेहरीलाल एवं राधाबाई के शव को परिजनों की सहायता से महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय मोर्चरी भिजवाया गया। मृतक लेहरीलाल पालीवाल पिता शंकर लाल एवं मृतका राधाबाई पत्नी लेहरीलाल पालीवाल को अज्ञात अभियुक्तों द्वारा रात्रि के समय दोनों की हत्या कर शव साक्ष्य मिटाने की नियत से प्लास्टीक की थैलियों में सेलो टेप से पेक कर मजु में बिस्तर के नीचे छुपा दिए थे। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया जाकर विभिन्न रूप से आसूचना का संकलन किया जाकर परंपरागत एवं नवीन अनुसंधान तकनीक का सहारा लिया जाकर शातिर अभियुक्तो की पहचान करने एवं उन तक पहुंच बनाई। अभियुक्तगण शातिर प्रवृत्ति के हो घटनास्थल से खुन के धब्बो कीे सफाई कर पुरी सावधानी से ग्लवस का इस्तेमाल कर लाशो को प्लास्टीक की थैलीयो मे कार्टन टेप से पेक कर लोहे के बडे संदुक (मजु) मे बिस्तरो के नीचे छुपा दिया व बुजुर्ग दम्पति के चप्पलो को गायब कर दिया ताकि यह लगे की दम्पति अपनी मर्जी से कही चले गए व पुलिस को गुमराह करने के लिए फोन को अन्यत्र स्थान पर फेंक दिया। मुख्य सुत्रधार व उसके साथी वारदात के पश्चात मौके से गायब हो गांव के अन्य सहअपराधियो से वारदात की पल-पल की अपडेट लेते रहे एवं सहअपराधी गांव के लोगो के साथ सम्मिलित होकर मृतका राधाबाई एवं लेहरीलाल के हत्याकांड को लेकर न्याय गुहार करते रहे।  प्रकरण मे वांछित शेष आरोपी विकास की तलाश के लिए एक टीम गुजरात की तरफ रवाना की गई है जिसकी तलाश जारी है। अभियुक्तगणो से गहन व तथ्य परख अग्रिम अनुसंधान जारी है। वारदात के मुख्य सुत्रधार अभियुक्त कुशल पालीवाल निवासी पुनावली को अच्छी लाईफ स्टाईल जीने व जल्दी पैसे वाला बनने की इच्छा जागृत हुई। कुशल पालीवाल को यह जानकारी थी की लहरीलाल पालीवाल के पास बहुत पैसे है और वह लोगो को पैसे उधार पर देते है और दोनो बुजुर्ग दम्पति ही घर पर अकेले रहते है। इनके घर पर चोरी कर सकते है। जिसकी प्लानिंग इसके द्वारा 1-1.5 साल पहले शुरू कर दी थी। कुछ माह पुर्व मुख्य सुत्रधार कुशल पालीवाल अपने साथी चन्दन के साथ रैकी करने गांव आया। रैकी के बाद कुशल पालीवाल द्वारा सूरत पहुंच अपने अन्य साथियों विकास व दिलीप चौधरी को इस बारे मे बता सम्मिलित कर लिया। अभियुक्तो कुशल उर्फ खुशी पालीवाल पुत्र मांगीलाल निवासी पुनावली हाल निवासी कृष्णा राॅ हाउस, रेल्वे स्टेशन रोड सचिन जिला सुरत गुजरात, चन्दन यादव पुत्र प्रवीण यादव निवासी केउटा दलसिंह सराय, जिला समस्तीपुरा बिहार हाल निवासी शिलालेख अपार्टमेन्ट सचिन सुरत गुजरात, दिलीप चौधरी पुत्र कनिकराम चौधरी निवासी अम्बिका नगर पार्डी सचिन जिला सुरत गुजरात, किशन पुत्र देवीलाल पालीवाल निवासी एसके स्कुल के पास पुनावली और जीवन पुत्र भेरूलाल पालीवाल निवासी पुनावली  सायरा द्वारा विगत एक माह पूर्व से ही उक्त जघन्य अपराध की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी थी। कुशल पालीवाल अपने साथियों चन्दन यादव, विकास खरवड, दिलीप चौधरी को साथ लेकर चन्दन यादव की कार ग्रेंड विटारा गुजरात नंबरी लेकर 9 अगस्त को पानेरियो की भागल सायरा आए वहा ंसे कुशल व उसके साथी कुंभलगढ घुमने गए और फिर वापिस आकर गोगुन्दा टोल के पास होटल मे रूम लेकर रूके एवं दिन मे कुशल पालीवाल द्वारा पुनावाली गांव के जीवन पालीवाल एवं अपने चचेरे भाई किशन पालीवाल को अपने मंसुबे मे साथ ले मृतक दम्पति के घर एवं उनके दिनचर्या की जानकारी जुटाई। उसके बाद कुशल पालीवाल, चन्दन यादव, दिलीप चौधरी, विकास खरवड पुनः 10 अगस्त को पुनावली आए और वारदात को अंजाम देने की नियत से अभियुक्त कुशल पालीवाल व चन्दन कुमार मृतक दम्पति के घर गए इनके अन्य दो साथी विकास व दिलीप गाडी लेकर यहां वहां घुमते रहे। कुशल पालीवाल पडोसी होने से राधाबाई ने दोनो को घर मे आसानी से प्रवेश दे दिया एवं खाना खिलाया। फिर दोनो सोने का नाटक करने लगे एवं मौके का इंतजार करने लगे किन्तु लोगो की आमद रफत एवं मौका नही मिलने से उस दिन केवल लेहरीलाल के घर पर रखी हथौडी को कुशल द्वारा अपनी पेंट मे छुपाकर साथ लेकर घर से निकल गए। अगले दिन 11 अगस्त को सुबह कुशल व चन्दन मुताबिक प्लानिंग वारदात करने की नियत से पुनः उसी हथौडी को पेंट मे छुपाकर दम्पति के घर की तरफ गए। मगर दरवाजा बन्द होने से अन्दर नही जा सके और वहा से वापिस लौट गए। उसी दिन सभी ने विचार किया कि जीवन पालीवाल और किशन पालीवाल जो कि पूर्व से रैकी करने व घर के सदस्यो की जानकारी देने मे सहयोग कर रहे थे। उन्ही की सहायता से रात्रि के समय दम्पति के घर में इस तरह से प्रवेश किया जाए। सभी लोग पुनावली आकर जीवन पालीवाल, किशन पालीवाल से मिलकर कहा कि उन्हें घर के अन्दर ऐसे प्रवेश करने मे मदद करो जिससे हमारे बारे मे किसी को पता ना चले। इस पर किशन पालीवाल व जीवन पालीवाल दोनो टिपणा दिखवाने के बहाने दम्पति के घर पहुचे। राधाबाई द्वारा दरवाजा खोला गया। किशन और जीवन द्वारा अपने प्लान के तहत राधाबाई का ध्यान भटका घर का मुख्य दरवाजा खुला छुडवा उपरी मंजिल लेहरीलाल के पास चले गए। मौका देख कुशल पालीवाल ने घर मे घुसकर बाथरूम मे छुप गया उसके बाद उसने जीवन व किशन कोे मैसेज कर बताया की मै अन्दर आकर छुप गया हुं तुम दोनो बाहर चले जाओ जिस पर जीवन व किशन दोनो बाहर चले गए फिर रात्रि मे दंपती के सोने का इंतजार किया दम्पति के सोने के बाद कुशल पालीवाल द्वारा मौका देखकर अपने तीनो साथियो चन्दन यादव, विकास खरवड, दिलीप चौधरी को बुलाकर मुख्य दरवाजे से अन्दर प्रवेश करा दिया। उसके पश्चात चारो उपरी मंजिल पहुचे और कुशल पालीवाल द्वारा सोते हुए लेहरीलाल के सिर पर हथौडे से वार करके उसकी हत्या कर दी। चुंकि राधाबाई हमेशा की तरह नीचे वाले कमरे मे सोती थी जो अन्दर से बन्द किया हुआ था। राधाबाई को उक्त घटना के बारे मे पता नही चला। कुशल पालीवाल व उसके अन्य साथी विकास खरवड, दिलीप चौधरी, चन्दन यादव ने मिलकर घटनास्थल की साफ सफाई की एवं सूरत से अपने साथ लाई प् प्लास्टीक थैलिया व कार्टन टेप से मृतक लेहरीलाल के शव को पैक किया व राधाबाई के उठने का इंतजार करने लगे अलसुबह जब राधाबाई उठी और नहाने जाने लगी तब मौका देखकर चन्दन द्वारा राधाबाई का मुंह दबाया ताकि आवाज बाहर ना जाए और कुशल द्वारा राधाबाई का गला घोंटकर मार दिया एवं राधाबाई के पहने हुए गहने एवं पास मिली चाबी से अलमारी खोल कुछ और जेवरात एवं नकदी को अपने पास रख लिया एवं राधाबाई के शव को भी उसी तरह से प्लास्टीक की थैलियो एवं कार्टन टेप से पैक कर दोनो के शवो को लोहे के संदुक (मजु) मे बिस्तर हटाकर दोनो के शवो को मजु मे लेटाकर उपर और बिस्तर डाल इस तरीके से रख दिया की दोनो शवो के सडने से आने वाली दुर्गंध कई दिनो तक घरवालो को पता ना चले और अभियुक्तगण नकदी, जेवरात और दोनो मृतको के मोबाईल फोन और वारदात मे प्रयुक्त हथौडी अन्य शेष सामान को साथ ले कर चले गए। अभियुक्तगण द्वारा पुलिस व परिजनो का ध्यान भटकाने के लिए मृतको के फोन को स्वीच आॅन कर हाईवे पर रास्ते मे फेंक दिया। अभियुक्तगण को अच्छी लाईफ स्टाईल जीने का शौक था जिस कारण से लोगो व बैंको से पैसे उधार व लॉन लेकर समय पर वापस नही चुका पा रहा था लगातार बढ़ते कर्ज व आर्थिक तंगी के कारण कर्ज के जाल में फस गया था इसी आर्थिक दबाव और पैसों की व्यवस्था करने की मंशा से उसने लूट की वजह से बुजुर्ग दम्पति की हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया।  जिला पुलिस अधीक्षक  की आमजन से अपील है कि वृद्धजन, एकल महिला से अत्यधिक मेल-जोल बढ़ाने वाले लोगो के प्रति सतर्क रहे, किसी भी व्यक्ति पर बिना उचित जाँच-परख के विश्वास न करे और अपनी सम्पत्ति व निजी जानकारी साझा करने से बचे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरन्त स्थानीय पुलिस को दे। आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बडी सुरक्षा है।

By Udaipurviews

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