अवैध निर्माण का विरोध बना जानलेवा, जनाक्रोश के बाद यूडीए ने आरोपी के मकान पर चलाया बुलडोजर
उदयपुर, 29 जुलाई: राजस्थान के उदयपुर शहर में मकान के सेटबैक और कथित अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के ओस्तवाल नगर में पड़ोसी द्वारा अवैध निर्माण का विरोध करने पर 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता की कथित तौर पर लात-घूंसों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह आसोलिया के मकान के पीछे ही सागरमल मेहता का मकान है। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से सेटबैक और निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार शाम विवाद बढ़ने पर प्रवीण सिंह, उसके चचेरे भाई अनुराग तथा एक अन्य युवक ने सागरमल मेहता और उनके बेटे राहुल मेहता के साथ मारपीट की। गंभीर रूप से घायल सागरमल मेहता की बाद में मौत हो गई, जबकि बेटे राहुल को भी चोटें आईं।
परिजनों का आरोप- पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की
मृतक के बेटे राहुल मेहता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी स्वयं प्रतापनगर थाने पहुंचे और उनके खिलाफ शिकायत देने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार नहीं किया। वहीं मृतक की बेटी प्रीति मेहता का कहना है कि उनके पिता लंबे समय से आरोपी के अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे और उन्हें पहले भी जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं।
मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन, शव ले जाने पर हुआ हंगामा
बुधवार सुबह एमबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा और अवैध निर्माण ध्वस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव ले जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एम्बुलेंस रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
जनदबाव के बीच यूडीए की कार्रवाई

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और यूडीए अधिकारियों के समक्ष लोगों ने स्पष्ट कहा कि आरोपी का अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो शव नहीं उठाया जाएगा। इसके बाद यूडीए ने दोपहर करीब 2:30 बजे मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह आसोलिया के मकान के अवैध निर्माण वाले हिस्से को ध्वस्त कर दिया।
अवैध निर्माण का विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सागरमल मेहता लंबे समय से पड़ोसी के कथित अवैध निर्माण और सेटबैक उल्लंघन का विरोध कर रहे थे। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई भी हुई थी। परिजनों का दावा है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। वायरल वीडियो में भी तीन युवक बुजुर्ग और उनके बेटे के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे मामले ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा है।
वीडियो के बाद बढ़ा प्रशासन पर दबाव
घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। एक ओर हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हुई, वहीं दूसरी ओर यूडीए ने आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर सख्त संदेश देने की कोशिश की। अब पूरे मामले में पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

