बद्रीनाथ धाम में गुरु पूजन एवं सत्संग; देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, भजनों और हवन से भक्तिमय हुआ वातावरण
चित्तौड़गढ़। जिले के बद्रीनाथ धाम में आयोजित गुरु पूजन एवं सत्संग कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बन गया। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली और हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं साधक गुरु पूजन में शामिल होने पहुंचे। भजनों, प्रवचनों और वैदिक अनुष्ठानों से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेवाड़ धर्म प्रमुख पूज्य श्री श्री रोहित गोपाल भैया ने कहा, “जीवन में सदैव सद्कर्म करो, क्योंकि हर कर्म का फल अवश्य मिलता है।” उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने प्रत्येक कर्म के प्रति सजग रहना चाहिए। सच्चा गुरु वही है, जो अपने शिष्य को सांसारिक कर्तव्यों का निर्वहन कराते हुए अंततः वैराग्य का मार्ग दिखाए, ताकि वह सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर में अपना चित्त लगा सके।
गुरुदेव ने श्रद्धालुओं से अपने घर को अयोध्या के समान बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां संस्कार, प्रेम और धर्म का वातावरण रहता है, वहीं सच्चे अर्थों में ईश्वर का वास होता है। उनके उद्बोधन के बाद “नगरी हो अयोध्या सी” भजन पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे।
ऋषिकेश से पधारे प्रकांड पंडित आकाश जुयाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न कराया। मंत्रों की गूंज और यज्ञ की पावन आहुतियों से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। वहीं “दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहां से भी जो हारा तो कहां जाऊंगा सरकार” भजन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
प्रवचन के दौरान गुरुदेव ने देवर्षि नारद एवं भगवान विष्णु की कथा का उल्लेख करते हुए गुरु निंदा से बचने तथा गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर श्रद्धा और विश्वास के साथ चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में अशोक जिंदल, अशोक खींची, कुसुम, उषा, कमलेश गुप्ता, राघव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
