उदयपुर। राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित और न्यायोचित मांगों पर अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने अब पूरी तरह से आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है। महासंघ के प्रदेश संरक्षक ओमप्रकाश श्रीमाली ने बताया कि कर्मचारियों की मांगो को लेकर सोमवार को जयपुर में आपातकालीन प्रदेश स्तरीय महाबैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इस बैठक में विभिन्न संवर्गों की लंबित मांगों, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को बीमा कंपनी को नहीं देकर पूर्व की भांति समस्त अनुमोदित अस्पतालों में ओपीडी एवं आईपीडी तथा दवाओ की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सरेंडर लीव (समर्पित अवकाश) का भुगतान तुरंत जारी करने, बजट घोषणा के अनुरूप पदोन्नति में अनुभव एवं सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट, संविदाकर्मियों एवं ठेका कर्मचारियों के अविलंब नियमितीकरण सहित लंबित 25 सूत्री मांगपत्र जैसे संवेदनशील वित्तीय लाभों को लेकर एवं चिकित्सा मंत्री द्वारा आरजीएचएस को बीमा कंपनी को देने के बयान पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। बैठक में मौजूद समस्त पदाधिकारियों ने एक सुर में सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है और अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।महासंघ (एकीकृत) ने सरकार के ध्यानाकर्षक के लिए चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि 19 मई को महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम मुख्य सचिव को अंतिम चेतावनी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके तुरंत बाद 20 मई से राज्य के सभी जिलों में मोर्चा खोलते हुए समस्त जिला अध्यक्षों द्वारा जिला कलेक्टर, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों तथा कार्यालय अध्यक्षों के माध्यम से मुख्यमंत्री को चेतावनी ज्ञापन भिजवाए जाएंगे। यदि इसके बावजूद भी सरकार की नींद नहीं खुली, तो आगामी 25 मई से 30 मई तक पूरे राजस्थान के कर्मचारी हर दिन दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक पूर्ण रूप से कार्य का बहिष्कार करेगे। महासंघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इस ऐतिहासिक कार्य बहिष्कार के बाद भी यदि दमनकारी नीतियां नहीं बदली गईं, तो पूरे प्रदेश में प्रचंड ‘कर्मचारी जागृति यात्रा’ निकालकर कर्मचारियों को जाग्रत करते हुए बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आरजीएचएस और समर्पित अवकाश बहाली को लेकर आर-पार की जंग
