उदयपुर। मेवाड़-वागड़ है हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति एवं बार एसोसिएशन उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रत्येक माह की भांति मंगलवार को जिला एवं सेशन न्यायालय परिसर, उदयपुर में मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के लिए उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर मासिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को बुलंद किया। बार एसोसिएशन उदयपुर के अध्यक्ष जितेंद्र जैन एवं महासचिव लोकेश गुर्जर ने बताया कि हाल ही में बार एसोसिएशन उदयपुर का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के सहयोग से नई दिल्ली स्थित केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री से उनके आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा क्षेत्र की न्यायिक आवश्यकताओं एवं आमजन को होने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने इस महत्वपूर्ण विषय में सहयोग प्रदान करने के लिए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का आभार व्यक्त किया तथा उनसे प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री से प्रतिनिधिमंडल की शीघ्र मुलाकात करवाने का अनुरोध किया है। पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री से भेंट कर मेवाड़-वागड़ क्षेत्र की वर्षों पुरानी एवं न्यायोचित मांग को उनके समक्ष रखेगा। धरना-प्रदर्शन में बार एसोसिएशन उदयपुर के अध्यक्ष जितेंद्र जैन, उपाध्यक्ष महेन्द्र मेनारिया, महासचिव लोकेश गुर्जर, सचिव आशीष कुमार कोठारी, वित्त सचिव धर्मेन्द्र सोनी, पुस्तकालय सचिव विनोद औदिच्य, सहवृत्त सदस्य अरुणपाल सिंह चुंडावत, कांता नागदा, प्रीति बापना, वैशाली राठौड़, ऋतु सारस्वत, दिनेश कुमार मेघवाल एवं अब्दुल हनीफ, पूर्व अध्यक्ष रमेश नंदवाना, मनीष शर्मा, रामकृपा शर्मा, भरत कुमार वैष्णव, भरत जोशी, पूर्व महासचिव, वरिष्ठ अधिवक्तागण, युवा अधिवक्ता एवं महिला अधिवक्ताओं सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर पिछले 44 वर्षों से निरंतर आंदोलन किया जा रहा है। प्रत्येक माह की 7 तारीख को अधिवक्ता अपना न्यायिक कार्य स्थगित कर आंदोलन में भाग लेते हैं। इस आंदोलन का उद्देश्य मेवाड़-वागड़ क्षेत्र की आम जनता को सस्ता, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह केवल अधिवक्ताओं का आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे मेवाड़-वागड़ क्षेत्र की जनता का जनआंदोलन है तथा क्षेत्र की न्यायिक आवश्यकताओं को देखते हुए उदयपुर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना एक पूर्णतः न्यायोचित एवं वाजिब मांग है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी समय में मेवाड़-वागड़ क्षेत्र की जनता के सहयोग से आंदोलन को और व्यापक एवं प्रभावी स्वरूप दिया जाएगा। आंदोलन को जनभागीदारी के साथ और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर 44 वर्षों से जारी आंदोलन, वकीलों ने दिया धरना
