र्मों का फल अवश्य मिलता है, अच्छे कर्मों से जीवन में आती है शांति
चातुर्मासिक प्रवचन में डॉ. राजेंद्र मुनि ने कर्म और आत्मिक आनंद का बताया महत्व उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कर्म सिद्धांत और आत्मिक आनंद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंसान जैसा कर्म करता है, उसे उसी के अनुरूप फल प्राप्त होता है। अच्छे कर्मों का अच्छा फल और बुरे कर्मों का बुरा फल मिलता है। कर्म ही मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा निर्धारित करते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य अक्सर अपने दुखों के लिए दूसरों को दोषी मानता है, जबकि…
