आपके सुझावों से निरोगी राजस्थान की कल्पना होगी साकार – नीलाभ सक्सेना जिला कलेक्टर

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विजन 2030 डॉक्यूमेंट को लेकर हितधारको ने दिये सुझाव
राजसमंद, 31 जुलाई। कोरोना के बाद हम सभी स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग हुए है चाहे वह स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना हो या स्वास्थ्य के ढांचागत विकास को लेकर हो, यहां उपस्थित सभी हितधारको के सुझावों को तीन स्तरो पर वर्गीकरण किया जायेगा। जिनका जिला स्तर पर त्वरीत समाधान हो सकता है उनको यही पर समाधान किया जायेगा, जो राज्य स्तर से सम्बन्धित है उनको राज्य स्तर पर भिजवाया जायेगा तथा जो सुझाव पॉलिसी स्तर पर है उनको तय स्तर पर भिजवाया जायेगा। सभी के सुझावो से हम विकसीत राजस्थान की और अग्रसर होंगे और निरोगी राजस्थान की कल्पना को साकार करेंगे। यह उद्बोधन जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने जिला परिषद् में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व आयुर्वेद विभाग के तत्वावधान में आयोजित विकसीत राजस्थानि 2030 को लेकर हितधारको के परामर्श कार्यक्रम में व्यक्त किये।
कार्यक्रम में सहभागी रही जिला प्रमुख रतनी देवी जाट ने कार्यक्रम में आये सभी विशेषज्ञो, सामाजिक कार्यकर्ताओ एवं हितधारको से अपील करते हुए कहा की सभी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण के लिये अपने सुझाव दे, जिससे आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवायें मिल सके।
उदयपुर संभाग के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ जुल्फिकार अली काजी ने कहा की कार्यक्रम में आये सभी आवश्यक सुझावो का सम्मान करते हुए राज्य स्तर भिजवाया जायेगा तथा सभी को पूरा – पूरा महत्व दिया जायेगा।
कार्यक्रम में जिले के विभागीय प्रभारी एवं राज्य परियोजना निदेशक मातृ स्वास्थ्य डॉ तरूण चौधरी ने विजन 2030 को लेकर राज्य सरकार की मंशा एवं हमारी भुमिका को लेकर विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ हेमंत बिन्दल ने राजस्थान विजन 2030 को लेकर चिकित्सा विभाग की अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा 2030 का रोड़मेप भी बताया। कार्यक्रम में डवलेपमेट पार्टनर युनिसेफ के प्रतिनिधी निशांत मेहता ने कार्यक्रम में अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर सुझाव देने के लिये हितधारको को प्रेरीत किया।
कार्यक्रम पेंशनर समाज के जिला अध्यक्ष पारसमल पीतलीयां ने सुझाव दिया की पेंशनर के लिये दवाईयांे की ओपीडी लिमिट को बढ़ाया जाना चाहियें तथा विटामिन, कैल्शियम व आयरन की दवाईयों को शामिल कीया जाना चाहिये। उन्होंने कहा की वृद्धो के लिये चिकित्सा संस्थानो में विशेष सुविधा होनी चाहियें।
पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ रामानन्द दाधीच ने आयुर्वेद विभाग के बजट को बढ़ाने तथा आयुर्वेद की दवाईंयो की पैकेजिंग को आकर्षक बनाने का सुझाव दिया। श्रीनाथ फार्मा कॉलेज के प्राचार्य डॉ शेलेन्द्र भट्ट ने विद्यालयों में बेहतर स्वास्थ्य के लिये शिक्षा और प्रशिक्षण देने के लिये सुझाव दिया तथा प्रीकॉशन इज बेटर देन क्योर की अवधारणा पर कार्य करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य के लिये कार्ययोजना बनाने के लिये सुझाव दिया।
वरिष्ठ सर्जन डॉ श्याम सुंदर पुरोहित ने मेडिकल एज्यूकेशन के पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को समाहित करने का सुझाव दिया। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश श्रीमाली ने तनाव प्रबन्धन को पाठ्यचर्या में शामिल करने, नशामुक्त समाज के लिये निरंतर जागरूकता अभियान संचालित करने का सुझाव दिया। आयुर्वेद अधिकारी डॉ अजय दाधीच ने आयुर्वेद, योग, सिद्धा एवं होम्योपेथी को प्रमोट करने का सुझाव दिया। लाडली फाउंडेशन से विभा व्यास ने सेनेटरी नेपकीन के निस्तारण के व्यवस्था सार्वजनिक शौचालयो में करने तथा समुदाय में स्वास्थ्य विषय पर एनिमेटेड फिल्मो को पहुंचाने का सुझाव दिया।
जिला चिकित्सालय नाथद्वारा के विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी डॉ बाबूलाल जाट ने संचारी रोगो के रोकथाम के लिये पूर्व के ट्रेंड के ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षो में चिकित्सा संस्थानो के सुदृढीकरण हेतु तैयारी रखी जाये, गैर संचारी रोगो के भार को देखते हुए प्रिवेंशन पर ध्यान दिया जाये तथा बच्चो के संस्कार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाये।
रेडक्रॉस सोसायटी के कमल अग्रवाल ने चिकित्सा संस्थानो में निःशुल्क दवा वितरण केन्द्रो एवं जांच केन्द्रो पर बढ़ती मरीजो की संख्या को देखते हुए केन्द्रो संख्या बढ़ाने एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर जोर दिया।
साहित्यकार नारायण राव ने बच्चो में छोटी – छोटी कहानियों के माध्यम से स्वास्थ्य की शिक्षा देने के लिये साहित्यकारो को स्वास्थ्य विभाग के जोड़कर प्रेरीत करने का सुझाव दिया। खाद्यान्न व्यापार संगठन के पदाधिकारी ने तम्बाकू विक्रेताओं के लियें लाईसेंस अनिवार्य करने का सुझाव दिया।  कार्यक्रम में कई गैर सरकारी संगठनो के प्रतिनिधियों, रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों, योजनाओं के लाभार्थियों, आशा संगठन के पदाधिकारीयों, केमिस्ट एशोसिएशन के पदाधिकारीयों सहित विभिन्न सुझाव विकसीत राजस्थान 2030 में चिकित्सा और स्वास्थ्य के लिये दिये। कार्यक्रम के अंत में साहित्यकार नारायण राव के संपादन में प्रकाशित पुस्तक आरोग्यदाता का विमोचन जिला कलेक्टर एवं अन्य अतिथीयों द्वारा किया गया।  कार्यक्रम में उपस्थित सभी हितधारको को अपने अमुल्य सुझाव देने के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रकाश चन्द्र शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

By Udaipurviews

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