युवाओं को बचाना है तो समाज को मिलकर उठानी होगी जिम्मेदारी
उदयपुर। बढ़ते नशे के प्रचलन से युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने और समाज में जागरूकता का वातावरण बनाने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एमआईटीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज, सेक्टर-5, हिरणमगरी में एक प्रभावी नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आरोग्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की सेहत को ही नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा वर्ग सही दिशा में आगे बढ़े और समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बने कि वह नशे के खिलाफ जनजागरण का हिस्सा बने।
आरोग्य सेवा संस्थान के डायरेक्टर नरपत सिंह चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है। उन्होंने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (।छज्थ्) नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
चौहान ने कहा कि यदि शिक्षण संस्थान, अभिभावक, सामाजिक संगठन और युवा एकजुट होकर जागरूकता फैलाएं तो नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व परिवारजनों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वस्थ, जागरूक और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हुए उन्हें नशे के खिलाफ एक सशक्त जनआंदोलन का सहभागी बनने का संदेश भी दे गया।
नशे के खिलाफ जागा युवा मन, एमआईटीएस में चला जनजागरण का अभियान
