उदयपुर। दिल्ली के जंतर -मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुई बर्बरता पूर्वक कार्यवाही एवं लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुए दुर्वव्यवाहर से आहत होकर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के आह्वान पर दो दिवसीय उपवास- सत्याग्रह कार्यक्रम गुरुवार को प्रारंम्भ किया गया। पंचायती राज संघ के जिला अध्यक्ष हिदायत तुल्ला ने बताया कि नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में हुए लाठी चार्ज एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हिरासत में लेने से आहत होकर महात्मा गांधी के रास्ते से बेहतर रास्ता कोई नजर नहीं आने पर निर्णय लिया गया कि दो दिवसीय उपवास पर चैतक चौराहे पर बैठ जन-जन को इस आन्दोलन से जोड़ा जाएगा एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जाएगा। इसके लिए प्रशासन को एक दिन पूर्व लिखित में सूचना देकर जब चेतक चौराहे पर उपवास के लिए पहुंचा गया तो पुलिस प्रशासन द्वारा उपवास को लेकर जगह देने से इनकार कर दिया गया। बाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड व अन्य पदाधिकारियों से बहस के बाद हाथीपोल में उपवास के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई। जहां गुरुवार को दिन भर आने जाने वालों का तांता लगा रहा। पहले दिन उपवास पर निवर्तमान पार्षद हिदायत तुल्ला केे साथ पूर्व सेवादल अध्यक्ष गोपाल नागर, नाजमीन मकरानी उपवास पर बैठे हैं। उपवास को लेकर उदयपुर शहर एवं कांग्रेस के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकताओं में जोश है, इस उपवास-सत्याग्रह को सफल बनाने हेतु शहर जिला अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, ग्रामीण जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने सभी कार्यकताओं को आहवान किया है। उपवास के पहले दिन शहर जिला अध्यक्ष फतह सिंह राठौड, पूर्व विधायक त्रिलोक पुर्बिया, पंकज शर्मा, सोमेश्वर मीणा, मुस्लिम महासभा से हाजी प्यारा भाई, शहजाद खान, बंशीलाल प्रजापत, गौरव प्रताप, प्रतिक नागर, दौलत साहु, हिम्मत सेठ, किशन जी, कौसर परवीन, तरन्नुम खान, नाजमीन खान, अयुब खान, पूर्व पार्षद शहनाज अयुब, एडवोकेट भरत ,धर्मेंद्र राजोरा, शमीम डायर, संजय मंदवानी,रमेश बारबर,रितिक मेघवाल, नौशाद,अख्तर खान, रईस खान मौजुद रहे।
विरोध के बाद का दो दिवसीय उपवास प्रारंभ
