आम यात्रियों की सुरक्षा है अभियान का प्राथमिक उद्देश्य: चौधरी
उदयपुर, 23 जुलाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर की ओर से अवैध रूप से संचालित और अनधिकृत बदलाव (मोडिफिकेशन) करने वाली स्लीपर- लक्जरी बसों के खिलाफ कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा है।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के सदस्य सचिव के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में सुरक्षित परिवहन के नागरिकों के अधिकार की रक्षा करने और वैधानिक प्रावधानों व सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण सचिव श्री राहुल चैधरी ने बताया कि 6 जुलाई से प्रारंभ हुए अभियान में अब तक 72 बसों की जांच की गई जिनमें से 34 निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी जिनपर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया। इनमें से 18 बसों को सीज किया गया है। चौधरी ने बताया कि प्राधिकरण और राज्य सरकार आमजन की सुरक्षित यात्रा के संबंध में स्वयं गंभीर है तथा राज्य सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी नियमों की इस अभियान के तहत पालना करते हुए जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में फलौदी, कोटपूतली तथा दौसा में यात्रीगण के साथ यात्रा के दौरान घटित वीभत्स घटनाओं के दृष्टिगत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दृष्टिकोण के अनुरूप यात्रीगण को सुरक्षा हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त मापदण्डों की अनुपालना में सहयोग करने के लिए अभियान के तहत कार्यवाही की जा रही है। विगत 15 दिवस में सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत वाहनों की फिटनेस एवं परमिट आदि की पालना नहीं होने पर कार्यवाही का परिवहन विभाग का आंकड़ा यह दर्शाता है कि माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल सुरक्षित परिवहन की उपेक्षा से सुरक्षित परिवहन की अपेक्षा की ओर प्रभावी कदम है।
