जी-20 की रोजगार कार्यसमूह की पहली बैठक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जोधपुर में सम्पन्न

कौशल के क्षेत्र में भी सोशल सिक्योरिटी का आवश्यकता को मिला बल

जोधपुर . जी 20 देशों और आमंत्रित प्रतिनिधियों के एम्पलॉयमेंट वर्किंग ग्रुप का तीन दिवसीय सम्मेलन शनिवार को सम्पन्न हुआ।भारत की अध्यक्षता में निर्धारित तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों वैश्विक स्तर पर कौशल के क्षेत्र में अंतराल, गिग एवं प्लेटफॉर्म अर्थव्यस्था और सामाजिक सुरक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा के लिए स्थायी वित्तपोषण के समाधान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रचनात्मक रूप से काम करने में रुचि और प्रतिबद्धता दिखाई।

केंद्रीय श्रम मंत्रालय की सचिव आरती आहूजा ने बताया कि इस समूह की चार बैठकें होगी। जोधपुर में तैयार आधार पर अब गुवाहाटी में चर्चा होगी । इसके बाद इंदौर में मिनिस्ट्रियल वर्किंग ग्रुप की बैठक में एजेंडो से निकले निष्कर्ष पर मोहर लगेगी।बैठक के तीसरे दिन के सूत्रों के दौरान सामाजिक सुरक्षा के सतत वित्तपोषण के मुद्दे पर चर्चा की गई।जी 20 सम्मिट के तीन दिनों में सभी में भारत की प्रेसिडेंसी में तैयार एजेंडा पर गहन विचार विमर्श किया गया ।

अंत में इंदौर में होने वाली इन के मंत्री समूह की बैठक में भी अगर सभी बिंदुओं पर सहमतिक बन जाती है , तो मसौदे पर मुहर लगेगी . News Hub आहूजा ने बताया कि  . अंतरराष्ट्रीय संगठनों , ILO , OECD और ISSA की ओर से संयुक्त रूप से सामाजिक सुरक्षा में वर्तमान और उभरती चुनौतियों के बारे बताया गया . कर्मचारी भविष्य निधि संगठन , श्रम और रोजगार मंत्रालय की टीम ने सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने और मजबूत करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही पहलों और योजनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया गया।ग्लोबल स्किल्स एंड क्वालिफिकेशन हार्मोनाइजेशन के लिए एक्सप्लोरिंग स्ट्रैटेजीज एंड डेवलपिंग ए फ्रेमवर्क फॉर कॉमन स्किल टैफोनोमीज’ पर सामूहिक विचार-विमर्श भी हुआ।

इससे पहले इस कार्यक्रम के दूसरे दिन सम्मिट में शिरकत करने पहुंचे गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता का विषय, “वसुधैव कुटुम्बकम,” या “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” विशेष रूप से उपयुक्त है, क्योंकि हम अपनी अर्थव्यवस्थाओं और हमारे लोगों की परस्पर संबद्धता पर चर्चा करने के लिए यहाँ जुटे है।उन्होंने कहा कि  आज हम जिन श्रम और रोजगार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनका समाधान समावेशी, टिकाऊ और सभी के लिए अनिवार्य रूप से न्यायसंगत होना चाहिए।

समापन सत्र से पूर्व ‘सामाजिक सुरक्षा के स्थायी वित्तपोषण’ के मुद्दे पर चर्चा की गई। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, आईएलओ, ओईसीडी और आईएसएसए ने संयुक्त रूप से सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में वर्तमान और उभरती चुनौतियों पर अपनी बात रखी। ईडब्ल्यूजी के अध्यक्ष और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव आरती आहूजा ने अपने समापन भाषण में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों सहित जी-20 के  सभी प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों को उनके योगदान व चर्चाओं में भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।

इसके अलावा जोधपुर मैं मिले आदित्य सत्कार को भी उन्होंने यादगार बताया।

By Udaipurviews

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