नाथद्वारा में 369 फुट ऊंची शिव प्रतिमा का लोकार्पण
*विश्वास के स्वरूप का विश्वार्पण - बापू* मानस विश्वास स्वरूपम् हुआ रामकथा का नामकरण नाथद्वारा (राजसमंद), 29 अक्टूबर। निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।। करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतोऽहं।। भगवान शिव जो विश्वास का स्वरूप है, उसका आज लोकार्पण नही बल्कि विश्वार्पण हुआ है। यह प्रतिमा श्रद्धा की उंचाईयां है, किसी स्पर्द्धा की नही है। यह प्रतिमा भगवान शिव की प्रतिभावत प्रतिमा है। विश्वास स्वरूप शिव की ही प्रेरणा है कि नौ दिवसीय रामकथा के माध्यम से इस प्रतिमा का विश्वार्पण हुआ है और हम सब इसके साक्षी है। उक्त उद्गार राष्ट्रीय संत मुरारी बापू ने शनिवार को…
