24th अक्टूबर 2026, उदयपुर: उदयपुर के पारस हेल्थ के एक न्यूरोसर्जन ने वर्ल्ड UBE सोसाइटी द्वारा साउथ कोरिया के डेजॉन में 20 जुलाई से 14 अगस्त, 2026 तक आयोजित यूनिलेटरल बाइपोर्टल एंडोस्कोपिक (UBE) स्पाइन सर्जरी का एडवांस्ड कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। हॉस्पिटल में कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन और एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जन डॉ शंकरा राम चौधरी ने मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाने और कुछ विशेष स्पाइनल बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एडवांस्ड तकनीक के बारे में जानने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्राप्त की।
UBE स्पाइन सर्जरी एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है। इसमें स्पाइन तक पहुंचने के लिए दो छोटे चीरे लगाए जाते हैं। एक एंडोस्कोप सर्जिकल एरिया को देखने में मदद करता है, वहीं विशेष उपकरणों से सर्जन यह प्रक्रिया कर सकता है। मरीज़ की हालत और चिकित्सीय आकलन के आधार पर यह तकनीक कुछ विशेष स्पाइनल बीमारियों के लिए उपयुक्त हो सकती है, जैसे कि हर्नियेटेड डिस्क और स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस आदि। इस तकनीक में छोटे चीरे लगाकर सर्जरी की जाती है, जिससे आसपास के ऊतकों को कम नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी से जुड़ी मूल समस्या का इलाज करना संभव हो पाता है।
डॉ. चौधरी ने 2,500 से ज़्यादा जटिल मस्तिष्क (ब्रेन) और रीढ़ (स्पाइन) सर्जरी और 800 से ज़्यादा एंडोवैस्कुलर न्यूरोइंटरवेंशन प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इसमें एन्यूरिज्म कॉइलिंग, इंट्राक्रेनियल स्टेंटिंग, मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी और कैरोटिड स्टेंटिंग जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। उन्होंने साउथ कोरिया में डेजॉन वूरी हॉस्पिटल के डायरेक्टर और वर्ल्ड UBE सोसाइटी के तीसरे प्रेसिडेंट डॉ. चेओल-वुंग पार्क से एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी में एडवांस्ड ट्रेनिंग भी ली है। डॉ. चेओल-वुंग पार्क मिनिमली इनवेसिव और फुल-एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के विशेषज्ञ हैं। इन तकनीकों में सर्जरी के दौरान ज़्यादा सटीकता, आसपास के ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुँचाने और मरीज की रिकवरी में मदद करने पर ध्यान दिया जाता है। हालांकि इनका इस्तेमाल मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार ही किया जाता है।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए पारस हेल्थ उदयपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग के कंसलटेंट डॉ शंकरा राम चौधरी ने कहा, “मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी से रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कुछ बीमारियों के इलाज के विकल्प बढ़ रहे हैं। हालांकि सही सर्जरी का चुनाव करने के लिए मरीज की स्थिति और उसकी चिकित्सकीय जरूरतों का सावधानीपूर्वक आकलन करना जरूरी होता है। साउथ कोरिया में एडवांस्ड ट्रेनिंग के दौरान मुझे अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने, यूनिलेटरल बाइपोर्टल एंडोस्कोपिक तकनीक की अपनी समझ को और बेहतर बनाने तथा इस क्षेत्र में विकसित हो रही नई तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिला। मेरा उद्देश्य इस जानकारी का इस्तेमाल उन्हीं मामलों में करना है, जहां यह चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त हो। इसके साथ ही मेरा ध्यान सर्जरी में अधिक सटीकता बनाए रखने, आसपास के ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचाने और हर मरीज की स्थिति के अनुसार सोच-समझकर इलाज का फैसला लेने पर रहता है।”
लगातार मेडिकल एजुकेशन और इंटरनेशनल नॉलेज एक्सचेंज डॉक्टरों को खास सर्जिकल फील्ड में हो रहे डेवलपमेंट से अपडेट रहने में मदद करता है। नई तकनीकों में ट्रेनिंग से डॉक्टरों को अनुभवी स्पेशलिस्ट से सीखने और हर मरीज़ की ज़रूरत के हिसाब से इलाज के विकल्प देखने में मदद मिलती है। साउथ कोरिया में डॉ. चौधरी की ट्रेनिंग से उन्हें एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के एडवांस्ड तरीकों का अनुभव मिला है। इस ट्रेनिंग को प्राप्त करने का उद्देश्य राजस्थान में मरीज़ों तक यह सुविधा चिकित्सीय रूप से उपयुक्त मरीजों को उपलब्ध कराना है।
पारस हेल्थ उदयपुर लगातार डॉक्टरों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट और मरीजों को बेहतर स्पेशलाइज्ड चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर काम करता रहा है। इस प्रयास के तहत मेडिकल क्षेत्र में एक्सीलेंस (उत्कृष्टता), नई तकनीकों को अपनाने और मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इलाज करने पर जोर दिया जाता है।
