उदयपुर, 01 जून। आयड़ स्थित गंगोद्भव कुंड परिसर में स्थित लगभग 800 वर्ष प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं संपूर्ण परिसर को धरोहर स्वरूप संरक्षित करने की मांग को लेकर गंगोद्भव कुंड विकास समिति ने शुक्रवार को शहर विधायक ताराचंद जैन को ज्ञापन सौंपा। समिति की ओर से सचिव महेश भावसार, पूर्व पार्षद मनोहर चौधरी, जगत नागदा सहित क्षेत्रवासियों ने विधायक को अवगत कराया कि उपेक्षा और रखरखाव के अभाव में सात वर्ष पूर्व मंदिर का गुंबद गिर गया था, लेकिन आज तक उसके पुनर्निर्माण और संरक्षण की दिशा में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है।
ज्ञापन में बताया गया कि गंगोद्भव कुंड परिसर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। परिसर के निकट प्राचीन राजपरिवारों की छतरियां स्थित होने से यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और इतिहास प्रेमी पहुंचते हैं। इसके बावजूद पुरातत्व विभाग और देवस्थान विभाग को कई बार अवगत कराने के बाद भी संरक्षण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।
समिति ने राज्य सरकार की हेरिटेज संरक्षण नीति, धार्मिक पर्यटन विकास योजना तथा मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं का हवाला देते हुए मांग की कि गंगोद्भव कुंड क्षेत्र को संरक्षित धरोहर घोषित कर योजनाबद्ध रूप से विकसित किया जाए। ज्ञापन में इस स्थल को उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल, पाथ-वे तथा पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई।
विधायक ताराचंद जैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि गंगोद्भव कुंड की ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार के समक्ष यह विषय प्राथमिकता से उठाया जाएगा, ताकि उदयपुर की इस प्राचीन धरोहर को संरक्षित कर धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
