महाराणा राजसिंह प्रथम थे, जिन्होंने औरंगजेब से डरे बगैर श्रीनाथजी और द्वारिकाधीश का किया स्वागत
राजसमंद सहित कई झीलों का कराया निर्माण, नौ चौकी के साथ विश्व के सबसे बड़े शिलालेख भी लगवाए, मेवाड़ ने मनाई जयंती उदयपुर। मेवाड़ के 58 वें श्री एकलिंग दीवान महाराणा राजसिंह प्रथम की 394 वीं जयंती सोमवार को संपूर्ण मेवाड़ में मनाई गई। इधर, महाराणा मेवाड़ चेरीटेबल फाउण्डेशन उदयपुर की ओर से मनाई गई। सिटी पेलेस म्यूजियम स्थित राय आंगन में सोमवार को उनके चित्र पर माल्यार्पण व पूजा-अर्चना कर मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्जवलित किया गया तथा आने वाले पर्यटकों के लिए उनकी ऐतिहासिक जानकारी प्रदर्शित की गई। फाउण्डेशन के प्रशासनिक अधिकारी भूपेन्द्र सिंह आउवा ने यह बताया…
