प्रभु की भक्ति करनी है तो सबसे पहले स्वार्थ को त्यागो : जिनेन्द्र मुनि
उदयपुर, 12 जुलाई। श्री वर्धमान गुरू पुष्कर ध्यान केन्द्र के तत्वावधान में दूधिया गणेश जी स्थित स्थानक में चातुर्मास कर रहे महाश्रमण काव्यतीर्थ श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा. ने शनिवार को प्रभु प्रार्थना के साथ मानव जीवन में स्वार्थ एवं परमार्थ पर सुंदर विवेचन प्रस्तुत किया। केन्द्र के अध्यक्ष निर्मल पोखरना ने बताया कि शनिवार को धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए पूज्य श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा. ने फरमाया कि स्वार्थ ऐसा साधो की उसमें परमार्थ भी हो जाए, जिससे मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध हो। जहां स्वार्थ है वहां हम परमात्मा की भक्ति नहीं कर सकते है, फिर तो…
