महात्मा ज्योतिबा फुले: महिला शिक्षा के अग्रदूत और समाज सुधार के प्रेरणास्रोत
उदयपुर, 11 अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले भारतीय समाज सुधार आंदोलन के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना। उनका प्रसिद्ध ध्येय वाक्य—“विद्या बिना मति गई, मति बिना नीति गई…”—आज भी समाज के समग्र विकास का मार्गदर्शन करता है। 11 अप्रैल 1827 को पुणे में जन्मे ज्योतिबा फुले साधारण माली परिवार से थे। प्रारंभिक जीवन में ही माता के निधन और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने शिक्षा का महत्व समझा और 21 वर्ष की आयु में अपनी पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1840 में उनका विवाह सावित्रीबाई फुले से हुआ, जो आगे चलकर देश की…
