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भगवान ऋषभदेव का मंदिर है खास, जहां जल घड़ी आधारित होती है सेवा पूजा

भगवान ऋषभदेव का मंदिर है खास, जहां जल घड़ी आधारित होती है सेवा पूजा

तीर्थंकर ऋषभदेव जयंती महोत्सव शुरू : उदयपुर जिले के भगवान ऋषभदेव को लेकर हिन्दू, जैन ही नहीं, बल्कि आदिवासियों में है बड़ी आस्था -रंजीता शर्मा उदयपुर। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की जयंती महोत्सव इस वर्ष 16 मार्च से शुरू हो गया। केसरियाजी स्थित भगवान ऋषभदेव का मंदिर देश के खास मंदिरों में शुमार है, जहां बड़ी संख्या में हिन्दू, जैन तथा आदिवासी लोग अपने—अपने आराध्य देव के रूप में उनकी पूजा करते हैं। जैन धर्माम्बलंबियों के लिए यह प्रथम तीर्थंकर हैं तो हिन्दू धर्माम्बलंबियों के भगवान विष्णु के आठवें अवतार। जबकि क्षेत्रीय आदिवासियों के लिए उनके आराध्य…
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मां की कोख से क्या बोली बेटी …?

मां की कोख से क्या बोली बेटी …?

-प्रियादुबे मां के गर्भ में पल रहा एक कन्या भ्रूण बोला- मां मेरे जन्म के बाद तेरे आंचल में बड़ी मैं बड़ी होऊंगी,बात-बात में मचलूंगी,रूठ जाऊंगी, स्कूल जाऊंगी, सयानी भी होऊंगी और ससुराल भी जाऊंगी...., लेकिन ससुराल वालों को मेरी कीमत से मत नवाजना चाहे पीपल पूजनी पड़े या मीरा स्वरूप में जिदंगी बीतानी पड़ जाए शादी जीवन चलाने के लिए पुरखों द्वारा बनायीं गयी। एक ऐसी सभ्यता है, जो दुनिया भर में है भारत में शादी के समय दुल्हन के परिवार द्वारा दूल्हे के परिवार को दिए जाने वाले रूपये, आभूषण, महंगी वस्तुएँ और अचल संपति आदि उपहार में…
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उदयपुर के मेनार में बारूद की होली, तीन घंटे बनी रही गूंज

उदयपुर के मेनार में बारूद की होली, तीन घंटे बनी रही गूंज

तोप से दागे गोले तथा बंदूकों से रात ढाई बजे तक होती रही फायरिंग उदयपुर। देश में होली के विविध रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन उदयपुर जिले की मेनार की होली बेहद खास है। जहां बारूद की होली खेली गई। सिर पर पगड़ी पहने ग्रामीणों ने तोप से गोले छोड़कर इसकी शुरूआत की और करीब तीन घंटे तक समूचा मेनार बंदूकों से की गई फायरिंग से गूंजायमान रहा। माहौल था जमरा बीज पर मेनार गांव में मनाई जा रही बारूद की होली का। जहां बुधवार रात 11 बजे से ढाई बजे तक बारूद की होली खेली गई। इस दौरान…
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मुगल सेना पर जीत की खुशी में आज भी मेनार में गरजती है तोपें, बन्दूकों से होती है सलामी

मुगल सेना पर जीत की खुशी में आज भी मेनार में गरजती है तोपें, बन्दूकों से होती है सलामी

उदयपुर, 07 मार्च। देश में होली का त्यौहार रंगों से मनाया जाता है, लेकिन हर क्षेत्र में होली मनाने की कुछ अलग परंपराएं हैं, उसके पीछे अलग अलौकिक कहानी होती है। ऐसी ही एक अनोखी होली मनाई जाती है राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार में। होली के दूसरे दिन द्वितीया पर जमरा बीज महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव के लिए दूर शहरों में जा बसे गांववासी भी लौटते हैं और इसका हिस्सा बनते हैं। दरअसल, यह महोत्सव इतिहास में मुगलों पर जीत का जश्न है। उदयपुर जिले से 45 किलोमीटर दूर चितौड़गढ़ मार्ग पर दो सरोवरो के बीच…
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वागड़ में होली पर गजब की परंपरा

वागड़ में होली पर गजब की परंपरा

होली पर होती है दो लड़कों की आपस में शादी की परंपरा कहते है दीपावली की रौनक देखनी हो तो आप शहरों में जाओ और होली की रौनक देखनी हो तो गांवों में। सच में देश—प्रदेश के गांव—देहातों में होली की कई ऐसी परंपराएं आयोजित होती है जिनको देखना हर किसी के लिए रोमांचक होता है। बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया कस्बे में होली पर एक ऐसी ही शादी की परंपरा का आयोजन होता है जिसमें दुल्हा भी लड़का होता है और दुल्हन भी लड़का ही। यह आश्चर्यजनक परंतु सत्य है। यह शादी वास्तविक शादी न होकर मात्र एक परंपरा का…
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मेवाड़ में महाराणा नहीं, महादेव को मानते थे शासक

मेवाड़ में महाराणा नहीं, महादेव को मानते थे शासक

महाशिवरात्रि विशेष -सुभाष शर्मा उदयपुर। महा​ शिवऱात्रि पर्व को लेकर देश भर में तैयारियां जारी हैं और उदयपुर में भी। उदयपुर का नाम आते ही मेवाड़ और महाराणा शब्द स्मरण में आ जाते हैं लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि मेवाड़ के शासक महाराणा नहीं, बल्कि भगवान महादेव को माना जाता रहा है। मेवाड़ के महाराणा खुद को भगवान का दीवान मानते थे। आज भी उदयपुर—नाथद्वारा मार्ग पर कैलाशपुरी स्थित भगवान एकलिंगनाथ का प्राचीन मंदिर है और यहां विराजित भगवान एकलिंगजी को ही मेवाड़ का शासक माना जाता है। उदयपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर कैलाशपुरी में भगवान एकलिंगजी…
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राजस्थान के उदयपुर जिले के मध्यवर्गीय परिवारों में प्रीमियम यात्री कार सेगमेंट खरीदने के निर्णय और धारणा पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन

राजस्थान के उदयपुर जिले के मध्यवर्गीय परिवारों में प्रीमियम यात्री कार सेगमेंट खरीदने के निर्णय और धारणा पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन

आज भी भारतीय मध्यम वर्गीय उपभोक्ता जब भी किसी कार को खरीदने का निर्णय करता है तो उसके मस्तिष्क में सर्वप्रथम यही प्रश्न उठता है कि वह कम लागत में अधिक सुविधायुक्त अपने बजट के अनुसार किसी कार या वाहन को खरीदें। जब से सम्पूर्ण विश्व मे महामारी कोविड- 19 ने दस्तक दी,तब से हर भारतीय परिवार ने बजट के अनुसार अपनी सुविधानुसार कार खरीदने का निर्णय किया। आज भी भारतीय उपभोक्ता जब भी कार खरीदने का निर्णय करता है तो उसके मस्तिष्क में सर्वप्रथम कार की कीमत,ब्राण्ड, सुविधा,नई तकनीक, अधिक माइलेज क्षमता व परिवार की आवश्यकताओं को ध्यान में…
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शिल्प शास्त्र के जनक है भगवान विश्वकर्मा

शिल्प शास्त्र के जनक है भगवान विश्वकर्मा

(विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में) शिल्पशास्त्र के कर्ता भगवान विश्वकर्मा देवताओं के आचार्य है, मतलब विश्व के गुरु, सम्पूर्ण सिद्धियों के जनक है, वेदों के दृष्टा एवं विज्ञान व शिल्प के जनक है । आप प्रभास ऋषि के पुत्र है और महर्षि अंगिरा के ज्येष्ठ पुत्र के भानजे है। अर्थात अंगिरा के दौहितृ (दोहिता) है।  आप ने ही श्रीगणेशजी के विवाह में आचार्य की भूमिका निभाई थी । विश्वकर्मा के पाँच पुत्र हुए - मनु , मय , त्वष्टा , शिल्पी और देवज्ञ । भगवान के पांच पुत्र आगे जाकर अलग अलग विद्या में प्रवीण बने । वर्तमान में इनको…
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परदेसी पाँवणों के लिए पलक-पाँवड़े बिछा कर बैठा है पूर्व का वेनिस

परदेसी पाँवणों के लिए पलक-पाँवड़े बिछा कर बैठा है पूर्व का वेनिस

विशेष स्टोरी: जी-20 शेरपा बैठक के संदर्भ में जी-20 शेरपा बैठक की मेजबानी को लेकर उत्साहित हैं उदयपुर उदयपुर, 3 दिसंबर। शौर्य और स्वाभिमान की धरा, देश- दुनिया में पूर्व का वेनिस और झीलों की नगरी के रूप में ख्यात उदयपुर आज जी-20 शेरपा बैठक की मेजबानी को लेकर उत्साहित है। विश्व की प्राचीनतम अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में बसे हुए हमारे उदयपुर का न सिर्फ प्रशासनिक अमला बल्कि यहां के हर आम व्यक्ति का रोम-रोम इस धरा पर आने वाले परदेसी पाँवणों के स्वागत को पुलकित है। दुल्हन की तरह सजी लेकसिटी इस आयोजन से जुड़े शासन-प्रशासन ने…
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विश्व एड्स दिवस पर रोग की भयावहता कम करने वाले एड्स कर्मचारियों को सरकार का तोहफा

विश्व एड्स दिवस पर रोग की भयावहता कम करने वाले एड्स कर्मचारियों को सरकार का तोहफा

केंद्र सरकार ने नाको के माध्यम से राज्यसभा में बताया कि, ’’भारत में एचआईवी/एड्स रोग की समग्र गिरावट की प्रवृत्ति देखी जा रही है। एचआईवी अनुमान 2021 के अनुसार, 2010 के बाद से भारत में वार्षिक नए एचआईवी संक्रमणों में 46 प्रतिशत की गिरावट आई है।’’ गंभीर बिमारी में जो देशव्यापी गिरावट देखने को मिली हैइसका पूरा श्रेय भारतभर में एड्स विभाग नाको में काम कर रहे कर्मचारियो कोजाता है। इन कर्मचारियो को प्रोत्साहन व पुरूस्कार देने की बजाये, इसएड्स दिवस पर नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाने का इनाममिलने जा रहा है। अभी भी देश में लगभग 25 लाख…
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