Latest Articles

प्राचीन प्रतिमाओं की बहुमूल्य धरोहर संजोए राजस्थान का खजुराहो तवनगढ़ (तिमनगढ़) दुर्ग

प्राचीन प्रतिमाओं की बहुमूल्य धरोहर संजोए राजस्थान का खजुराहो तवनगढ़ (तिमनगढ़) दुर्ग

मध्यकाल का प्रसिद्ध तवनगढ़ दुर्ग बयाना से लगभग 23 कि.मी. दक्षिण में एक उन्नत पर्वत शिखर पर अवस्थित है। Udaipurviews / इस दुर्ग का निर्माण बयाना के महाराजा विजयपाल के ज्येष्ठ पुत्र तवनपाल ने 11 वीं शताब्दी ई. के उत्तरार्द्ध में करवाया था। महाराजा तवनपाल- तहणपाल एवं त्रिभुवनपाल नाम से भी अभिहित थे। अपने निर्माता के नाम पर यह दुर्ग तवनगढ़, तिमनगढ़, त्रिभुवनगढ़ के नाम से भी जाना जाता है। तवनगढ़ दुर्ग समुद्रतल से लगभग एक हजार 309 फीट ऊंची त्रिभुवनगिरि पहाड़ी पर बना हुआ है। दुर्गम पर्वतमालाओं से आवृत, वन संपदा से परिपूर्ण तथा नैसर्गिक सौंदर्य से सुशोभित इस…
Read More
अलवर दुर्ग के भीतर निकुंभ शासकों द्वारा निर्मित महल परंपरागत हिंदू स्थापत्य के उत्कृष्ट उदाहरण

अलवर दुर्ग के भीतर निकुंभ शासकों द्वारा निर्मित महल परंपरागत हिंदू स्थापत्य के उत्कृष्ट उदाहरण

पूर्वी राजस्थान के पर्वतीय दुर्गों में अलवर का बाला किला प्रमुख और उल्लेखनीय है। अरावली पर्वतमालाओं से आवृत एक उन्नत पर्वत शिखर पर बना यह दुर्ग एक सजग प्रहरी की तरह अलवर के मुकुट के समान शोभायमान हैं।अनियमित आकार की पर्वत श्रेणियों पर मीलों तक फैली इसकी सुदृढ़ प्राचीर ऐसी प्रतीत होती है मानो प्रकृतिदेवी अनेक लड़ियों वाला हार पहने हुए हो। नैसर्गिक सौंदर्य से ओतप्रोत यह किला बीते युग की रोमांचक दास्तान संजोए हुए है। अलवर का किला एक प्राचीन दुर्ग है। दुर्ग के निर्माताओं के बारे में प्रामाणिक जानकारी का अभाव है। जनश्रुति के अनुसार विक्रम संवत 1106…
Read More
error: Content is protected !!