गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
गुरु नानक देवजी के 554वें प्रकाश पर्व पर विशेष : आग लगी आकाश में झर-झर गिरे अंगार, संत न होते जगत में तो जल मरता संसार। प्राचीन काल से भारत की धरती ऋषि-मुनियों एवं संतों की पावन धरा रही है व संस्कृति एवं सभ्यता को आगे बढ़ाने में विभिन्न कालखंडों में अलग अलग महान संत, महात्माओं एवं ऋषियों का हमेशा मार्गदर्शन रहा है। भारत वर्ष अपनी अध्यात्मिक श्रेष्ठता के कारण ही विश्वमंच पर धर्म गुरू की उपाधि से अपनी अलग पहचान रखता है। गुरु नानक देव जी भारत की महानतम आध्यात्मिक विभूतियों में से एक थे। गुरु नानक देव जी…
