दृष्टि दोष ही दुःख का कारण : प्रशांत अग्रवाल
कार्यक्रम 'अपनों से अपनी बात' उदयपुर 30 अप्रैल। आज मनुष्य बाहृय जगत को देख रहा है लेकिन अपने स्वयं को नहीं देख पा रहा। उसका यही दृष्टिदोष उसके दुःख का कारण है। जिसने अपने को जान लिया, वह सम्माननीय हो गया।' 'यह बात नारायण सेवा संस्थान के मानव मंदिर में आयोजित 'अपनों से अपनी बात' श्रृंखला में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कही। उन्होंने कहा कि समाज में उसी व्यक्ति का आदर होता है, जो दूसरों के लिए त्याग करता है। ईर्ष्या, राग-द्वेष, लोभ -लालच, धन और अभिमान को जिसने अपने से परे धकेल दिया, वहीं सजग व्यक्ति है और ऐसा…
