राजपूताना की परंपरा में लोकतंत्र की जड़ें – प्रो. सारंगदेवोत
राजस्थान दिवस पर राजपूताना से राजस्थान विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन, इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा विकृत इतिहास को सुधारना समय की आवश्यकता - डॉ. पांडे इतिहास के पुनर्लेख की जरूरत - डाॅ. पांडे उदयपुर, 27 मार्च। भारत की ज्ञान परंपरा, संघर्ष क्षमता, धर्म और महापुरुषों के प्रति स्वाभिमान को कमजोर करने के प्रयास इतिहास लेखन के माध्यम से किए गए, किंतु भारतीय समाज ने कभी दासता को हृदय से स्वीकार नहीं किया। इतिहास में केवल उन युद्धों को प्रमुखता दी गई, जिनमें सत्ता परिवर्तन हुआ, जबकि भारतीयों द्वारा लड़े गए कई विजयी संघर्षों और बलिदानों को पर्याप्त…
