मंदिर में चांवल अखंड, धवल,अक्षत और मंगलकारी होने के कारण श्री जी को चढ़ाए जाते हैं – आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
उदयपुर। वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 26 जून को सर्व ऋतु विलास श्री महावीर स्वामी जैन मंदिर में धर्म सभा को संबोधित कर उपदेश दिया कि चावल का क्या महत्व होता है। इसे सरल भाषा में समझाया सर्वप्रथम चावल ही क्यों चढ़ाया जाता है। इसकी विवेचना सरल शब्दों में कर आचार्य श्री ने बताया कि चावल अखंड होता है, धवल होता है ,अक्षय होता है,मंगलकारी है ,इसलिए मंदिर में चावल चढ़ाए जाते हैं। भारत देश में चावल के अलग अलग नाम हो सकते हैं।मंदिर में मुट्ठी भर कर भगवान को चावल चढ़ाने से पर्वताकार चावल का पुंज…
