चातुर्मास तभी सफल, जब आत्मा में जागे परिवर्तन की चेतनाःसाध्वी डॉ. विद्युत् प्रभा श्रीजी
उदयपुर, 3 अगस्त। दादावाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक चातुर्मास के अंतर्गत सोमवार को खरतरगच्छ समिति के तत्वावधान में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। प्रवचन प्रभाविका, विदुषी साध्वी डॉ. श्री विद्युत् प्रभा श्रीजी म.सा. ने कहा कि चातुर्मास का वास्तविक उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मजागरण और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब आत्मा में सद्धर्म की प्यास जागृत होती है, तभी चातुर्मास सफल माना जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रकृति में अच्छी वर्षा और भरपूर फसल चातुर्मास की सफलता का प्रतीक होती है, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में…
