गुरुदेवों का आशीर्वाद जीवन में आत्मबल और ईमानदारी की राह दिखाताःगुलाबचंद कटारिया

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। श्री वर्द्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से देवेंद्र धाम में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गुरु का आशीर्वाद जीवन में हमेशा मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में गुरु पुष्कर का दिया हुआ आशीर्वाद सदैव साथ रहा है। राजनीति में रहते हुए भी ईमानदारी और मानवीय मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
कटारिया ने कहा कि उनके करीब 50 वर्षों के राजनीतिक जीवन में जब भी उतार-चढ़ाव आए, उन्होंने गुरु के बताए मार्ग और उनके आशीर्वाद को स्मरण में रखा। यही उनके जीवन का आधार बना। उन्होंने कहा कि धार्मिक क्रियाएं और आध्यात्मिक चिंतन मनुष्य को जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करते हैं। धर्म के माध्यम से व्यक्ति मोह-माया एवं सांसारिक संबंधों के बंधनों से ऊपर उठकर आत्मिक शांति की ओर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि साधना मनुष्य को निरंतर आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है। धर्म हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखने की शक्ति देता है। धर्म चिंतन से आत्मबल एवं आत्मविश्वास जागृत होता है, जिससे व्यक्ति जीवन में आने वाली चुनौतियों का दृढ़ता से सामना कर सकता है। धर्मसभा के प्रारंभ में गुरु स्तुति की गई।
इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र मुनि ने श्रावक के कर्तव्यों एवं जीवन में विवेक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्कार और गुरु का सान्निध्य व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। गुरुजनों का मार्गदर्शन जीवन में विवेक, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है।
प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने आध्यात्मिक चिंतन के दौरान आत्मज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मा को जानने वाला व्यक्ति जगत के समस्त जड़-चेतन तत्वों का ज्ञाता हो जाता है। आत्मज्ञान के अभाव में हमारा बाहरी ज्ञान केवल सतही स्तर तक सीमित रह जाता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक के बिना शून्य का कोई महत्व नहीं होता, उसी प्रकार आत्मा के बिना शरीर भी शून्य के समान है। आत्मज्ञान जीवन की वह नींव है, जो शरीर रूपी भवन को स्थिरता प्रदान करती है। मनुष्य को अपने जीवन की सार्थकता समझने के लिए बाहरी उपलब्धियों के साथ आत्मचिंतन और आत्मबोध को भी महत्व देना चाहिए।
प्रवचन के दौरान समाज के अनेक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रीसंघ अध्यक्ष रोशनलाल जैन, महामंत्री हिम्मत बडाला, अशोक मेहता, पूर्व महापौर रजनी डांगी सहित अन्य समाजजन एवं श्रद्धालुओं ने संतवाणी का लाभ लिया।
इस अवसर पर गुजरात से आए कमिश्नर नरेन्द्र गोखरू सहित अन्य अतिथियों का भी स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने संतों के दर्शन एवं प्रवचन का लाभ उठाया। अंत में समाज की ओर से संतश्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी 25 अक्टूबर को गुरु पुष्कर जयंती के अवसर पर होने वाले आयोजन के लिए भी शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।
फोटोः- देवेन्द्र धाम

By Udaipurviews

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