उदयपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर में दिनांक 21 जुलाई 2026 को कक्षा नवमी से ग्यारहवीं तक के लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की ओर से स्कूली छात्रों के लिए चलाए जा रहे ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूसडे अभियान के अंतर्गत एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र को उदयपुर की फैमिली कोर्ट के न्यायिक अधिकारी रणधीर सिंह मिर्धा ने संबोधित किया। इस सत्र का मुख्य विषय था श्श् से नो टू ड्रग्स, से यस टू योर ड्रीम्स श्श् मिर्धा ने छात्रों को बताया कि वर्तमान में कुछ लोगों द्वारा समाज में अनुशासन को भंग करने के लिए विद्यार्थियों प्रलोभन देकर ड्रग्स खरीदने-बेचने जैसे कार्यों में फँसाकर मोटी धनराशि ठगने का काम किया जा रहा है। स्कूल-कॉलेज के छात्र उनका सुगम माध्यम है। अतः हमें ऐसे अवांछनीय लोगों और स्वास्थय के लिए हानिकारक चीजों से दूर रहना चाहिए, अन्यथा यह हमारी जिंदगी को बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी ऊर्जा को सपनों को साकार करने व जीवन को सफल बनाने की दिशा में लगाना चाहिए। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं या आपको इससे संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो आप अवश्य अपने शिक्षकों के माध्यम से हमारी मदद प्राप्त कर सकते है।
इस अवसर पर प्रो. वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें जागरूक बनाने वाले ऐसे सत्र बहुपयोगी होते है जो कि एक सुरक्षित समाज का निर्माण करने में महत्वपूर्ण योगदान देते है। प्राचार्य संजय नरवरिया ने अतिथि का अभिनंदन करते हुए कहा कि हमें अपनी जिंदगी को सुंदर बनाने के लिए मन पर नियंत्रण रखना चाहिए और जो व्यक्ति स्वयं को नियंत्रित कर सकता है वह दुनिया को भी नियंत्रित कर सकता है। अंत में उन्होंने अतिथि का आभार प्रकट किया।
डीपीएस ,उदयपुर में जागरूकता ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूसडे सत्र का आयोजन
